नमाज से पहले शिव-दुर्गा की पूजा करते हैं जहीरुद्दीन, बोले-भगवान की कृपा धर्म नहीं देखती

New Delhi: देशभर में शारदीय नवरात्रों की धूम है और कई जगहों पर रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश के इटावा में होने वाली रामलीला न केवल एकता में अनेकता को प्रदर्शित करती है बल्कि गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल भी पेश करती है।

इस रामलीला में एक शख्स ऐसा है जो पिछले 32 वर्षों से भगवान शिव की भूमिका निभा रहा है और इस शख्स का नाम है जहीरुद्दीन शाह।

जहीर बताते हैं, ‘मैं पिछले 32 वर्षों से रामलीला कर रहा हूं। मैं नमाज अदा करने के अलावा पूजा भी करता हूं। रामलीला में मैं भगवान शंकर की भूमिका निभाता हूं। जब लोग भगवान शंकर को देखते हैं तो मैं लोगों को बताता हूं कि मैं इनमें मोहम्मद साहब को देखता हूं। सभी धर्मों का रास्ता भले ही अलग-अलग हो लेकिन जाता एक ही तरफ हैं।’ जिस कमेटी में जहीरुद्दीन रामलीला का मंचन करते हैं वहां दो और मुस्लिम कलाकार भी रामलीला में विभिन्न किरदारों को निभाते हैं।

जहीरुद्दीन न केवल नमाज अदा करते हैं बल्कि वो भगवान शिव और मां दुर्गी की पूजा और आरती भी करते हैं। मीडिया से बात करते हुए जहीरुद्दीन बताते हैं, ‘जिस जीवन में कला का स्थान नहीं होता है वह जीवन अधूरा होता है। रामलीला में धर्म और अधर्म को दिखाया जाता है इसलिए मैंने रामलीला का चुनाव किया।’

जहीरुद्दीन बताते हैं कि उन्हें वेद, पुराणों और शास्त्रों के बारे में भी जानकारी रखते हैं। आपको बता दें कि देश के अधिकतर हिस्सों में रामलीला का मंचन 10 अक्टूबर से शुरू हो गया है। इस बार दशहरा 19 सितंबर यानि शुक्रवार को है।

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