नेशनल कैंसर जागरूकता दिवस, क्योंकि जानकारी होना जरूरी है

New Delhi : जब किसी इंसान के शरीर में सेल्स की अनचाही ग्रोथ होती है तो कैंसर पनपता है। पूरे विश्व में 100 से भी ज्यादा तरह के कैंसर हैं। ‘नेशनल कैंसर अवेयरनेस’ यूनियन हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन ने भारत में शुरू करवाई थी। उनके अनुसार देश में कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करने का यही सबसे सही वक्त है। उनके नेतृत्व में 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस सितंबर 2014 को यूनियन हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन द्वारा शुरू करवाया गया था। इस दिन कैंसर का शुरूआती स्टेज में पहचानने और मरीजों को उससे बचाव के तरीके बताए जाते हैं। इस दिन लोगों को मुफ्त कैंसर चेक अप के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। चेक अप के लिए आए व्यक्ति को कैंसर की जानकारी के लिए किताबें बांटी जाती है। केरल सरकार ने सुहुर्थम नाम की एक स्कीम निकाली है जिसकी मदद से केरल के सारे जिलों और मेडिकल कॉलेजों में कैंसर का मुफ्त इलाज करवाया जाता है।

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इंडिया अंगेस्ट कैंसर की वेबसाइट पर कैंसर से जुड़ी सबसे ज्यादा जानकारी है। उस वेबसाइट के डाटा के अनुसार भारत में हर 8 मिनट के भीतर एक महिला सर्वाइकल कैंसर से मरती है। 2 महिलाएं जिनके स्तन कैंसर की जांच की जा चुकी है उसमें से सिर्फ एक महिला को ही डॉक्टर बचा पाते हैं। तंबाकू के सेवन से भारत में हर दिन 3500 लोगों की मौत होती है। तंबाकू का सेवन कैंसर को बढ़ावा देता है। 2018 में भारत में 3,17,928 मौतें सिर्फ तंबाकू की देन थी। भारत में हर साल 11,57,294 कैंसर मरीज रजिस्टर किए जाते हैं। 2018 में कैंसर की वजह से कुल 7,84,821 लोगों की मृत्यु हो गई थी। ये आंकड़े हर साल इसलिए भी बढ़ जाते हैं क्योंकि लोग इस बीमारी के बारे में जानते ही नहीं हैं।