नमस्ते जी : आख़िर यूँ ही दुनिया नहीं अपना रही भारतीय परंपरा, साइंटिफिक भी है नमस्ते

New Delhi : Corona Virus के संक्रमण से बचने के लिये आख़िर पूरी दुनिया को हमारी जिस परंपरा को मानना पड़ा वो सिर्फ़मनोहारी ही नहीं बल्कि साइंटिफिक भी है. सिर्फ़ नमस्कार ही नहीं बल्कि कई ऐसी भारतीय परंपरा है जो बेहद साइंटिफिक है औरपूरी दुनिया उसे सराहती है. आइये जानें ऐसे ही भारतीय संस्कार और उसके पीछे की वैज्ञानिक सोच को.

नमस्कार
भारतीयों के लिएनमस्तेकरना एक स्वाभाविक चीज है, क्योंकि बचपन से ही हम किसी भी बड़े को जब देखते हैं तो उनके आदरसम्मान में झुककर उन्हें नमस्कार करते हैंअब कोरोना वायरस के बाद तो विदेशी लोग भी नमस्ते करना सीख गए हैं.

चलिए अब आपको बताते हैं कि आखिर नमस्ते करना भर आपके लिए कितना अच्छा हो सकता है. जब नमस्कार मुद्रा में हम अपने दोनोंहाथों की सारी उंगलियों को एक साथ मिलाते हैं तब हमारे शरीर के अधिकतर प्रेशर पॉइंट सक्रिय हो जाते हैं. यह सब फिर हमारी आँख, कान और दिमाग को एकजुट होकर काम करने के लिए तैयार करता है. इसके कारण हमारी याददाश्त बढ़ती है और सामने वाला व्यक्तिहमें लंबे समय तक याद रहता है.

उपवास

हिंदू धर्म में उपवास रखना तो कई सदियों से चला रहा हैउपवास को हिन्दू धर्म में बहुत महत्व दिया जाता हैनवरात्रि के व्रत, सोलहसोमवार का व्रत, जन्माष्टमी का व्रत, करवा चौथ आदि जैसे कितने ही मौकों पर हिन्दू धर्म में उपवास रखा जाता हैकई बार माना जाताहै कि उपवास के जरिए हमारी मनोकामना भी पूरी होती है. अब मनोकामना पूरी होती है कि नहीं इस बात पर कोई माने माने, लेकिनसाइंस की नजर में तो उपवास बहुत काम की चीज है.

विज्ञान के अनुसार उपवास रखने से हमारे शरीर को डिटोक्स होने से काफी फायदा होता है. इसके कारण हमारा शरीर कम कैलोरी लेताहै जिससे हमें वजन कम करने में मदद मिलती है. इसके जरिए मधुमेह, दिल की बीमारी जैसी कितनी ही बीमारियाँ दूर हो सकती हैं.

सूर्यनमस्कार

सूर्य नमस्कार हिंदू धर्म में प्राचीन काल से ही चलता रहा है. इस प्रथा में रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को जल दिया जाता है औरफिर हाथ जोड़ के उन्हें नमस्कार किया जाता है.

सूर्य नमस्कार से हमारे शारीर का कितना भला होता है यह तो इस बात से ही जाहिर हो जाता है कि अब इसे योग का एक अहम आसनमाना जाता है.

इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो, जब हम सुबह सुबह सूर्य नमस्कार कर सूर्य को जल चढ़ाते हैं तब सूर्य की किरणें पानीसे होकर सीधे हमारी आँखों में पड़ती है.

उन किरणों को हमारी आँखों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है. इस दिनचर्या का पालन करने से हमारी सुबह जल्दी जागने कीआदत भी बन जाती है. मतलब, एक सूर्य नमस्कार के अनेकों फायदे हैं.

चूड़ी पहनना

भारतीय महिलाओं के लिए चूड़ियाँ पहनना बहुत ही अहम है. उनकी चूड़ियों का चमकदार रंग और उनकी खनखनाहट महिलाओं केसौंदर्य को और भी निखार देती है. शादी में दुल्हन के हाथों में जब तक लाल चूड़ा हो तब तक वह पूरी तरह तैयार नहीं लगती. इतना हीनहीं, फैशन के मामले में भी चूड़ियाँ बहुत खास मानी जाती हैं.

चूड़ियाँ महिलाओं के लिए बेहद ही लाभदायक होती है. इसका सबसे बड़ा फायदा है कि यह उनके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही बनाएरखती हैं. इसके अलावा हमारे शरीर से निकलने electro magnetic energy को चूड़ियाँ व्यर्थ होने से बचा लेती हैं. क्योंकि यह गोलहोती हैं इसलिए इसमें से एनर्जी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिलता. शायद इसलिए ही महिलाएं एक साथ कई जिम्मेदारियांसंभाल लेती हैं.

सिंदूर लगाना

एक चुटकी सिंदूर की कीमत हर विवाहित महिला जानती है. यह सिर्फ सुहाग की निशानी ही नहीं बल्कि उनकी लंबी उम्र से भी जुड़ा होताहै. सिंदूर लगाना सिर्फ लड़की के सुहाग के लिए ही नहीं बल्कि खुद लड़की के लिए भी बहुत लाभकारी होता है.

सिंदूर हल्दी, चूना और पारा मिलाकर बनता है. कहते हैं कि इन तीनों तत्वों के मिश्रण से सिंदूर एक लाभकारी पदार्थ बन जाता है. जबइसे माथे के ऊपर लगाया जाता है तो वह हमारे मन की विचलित भावनाओं को नियंत्रण में रखता है. यह होता चुटकी भर है, लेकिन कामबहुत अचूक करता है.

कान छिदवाना

कान छिदवाना कभी एक प्रथा हुआ करती थी, लेकिन आज यह एक फैशन भी बन चुका है. कान छिदाते समय भले ही थोड़ा दर्द होता है, लेकिन यह उसके बाद जिंदगी भर का फायदा भी देता है. यह एक साथ कितनी चीजों पर असर डालता है कि यह छोटी सी चीज भी बनजाती है खास!

माना जाता है कि यह आँखों की रोशनी बढ़ाता है, कानों को स्वस्थ बनाए रखता है. चिंता और घबराहट को यह दूर रखता है. इतना हीनहीं, इसके जरिए हमारी पाचन शक्ति भी अच्छी हो जाती है. यह दिखने में तो बहुत छोटा है, लेकिन इसके फायदे बहुत हैं.

ज़मीन पर बैठकर भोजन करना

पहले कभी एक वक़्त हुआ करता था कि पूरा परिवार एक साथ जमीन पर बैठ कर खाना खाता था. आज की इस दौड़तीभागती जिंदगीमें हमें खाने का होश तक नहीं होता तो जमीन पर बैठ के खाना तो एक अलग ही बात है.

आज हमारे पास टेबल कुर्सियां हैं, इसलिए कोई नीच बैठ कर खाने की सोचता भी नहीं है. नीचे बैठ कर खाने से सबसे पहला फायदा तोयह है कि आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है. इससे हमारे कमर दर्द की दिक्कत भी खत्म हो जाती है, तो हमारी ताकत बढ़ती है. हमारेशरीर की हड्डियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है. तो सोचिए मत कुछ दिन जमीन पर बैठ कर खाना खाएं और फायदे साथ में हीपाएं.

माथे पर तिलक

तिलक हमारे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं होता. जब यह माथे पर लगता है तो सुंदर तो दिखता है ही और साथ में हमारी भक्ति कोभी दर्शाता है. भारत में तो तिलक के भी कई प्रकार होते हैं जिनके भिन्नभिन्न मायने हैं. आस्था से हट के तिलक लगाना हमारे शरीर केलिए भी खास माना जाता है.

जब कोई हमारे माथे को दबा के उस पर तिलक लगाता है तो हमारे शरीर से electro magnetic तरंग निकलती हैं. यह तरंगे हमें सिर दर्दसे बचाती हैं. हमारे माथे के पॉइंट दबने के बाद हमारे शरीर की पाचन शक्ति बढ़ती है. कहते हैं कि इसके बाद हमारा चेहरा झुर्रियों से दूररहता है और हमें जवान दिखने में मदद करता है.

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