अब भारत के दुश्मनों की खैर नहीं, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल NAG का सेना द्वारा सफल परीक्षण

New Delhi: DRDO की स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी के एंटी-टैंक गाइडेड मि’साइल NAG का भारतीय सेना द्वारा सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण 7 से 18 जुलाई 2019 तक किए पोखरण फील्ड फा’यरिंग रेंज में सफलतापूर्वक किया गया। यह मि’साइल परीक्षण ग्रीष्मकालीन परीक्षणों की एक श्रृंखला से गुज़रा है। एएनआई द्वारा इस सफल परीक्षण का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में साफ तोर पर देखा जा सकता है कि एंटी-टैंक गाइडेड मि’साइल NAG का परीक्षण बेहद सफल रहा है।


नाग मि’साइल एक भारतीय तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मि’साइल है। यह एक सभी मौसम है हमला कर सकती है। यह मि’साइल 3 से 7 किमी की सीमा के साथ शीर्ष हमला कर सकती है। यह भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा एकीकृत निर्देशित मि’साइल विकास कार्यक्रम के तहत विकसित की गई है।

यह भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित है। इसे सबसे अच्छी एंटी-टैंक गाइडेड मि’साइल के रूप में माना जाता है। इस मि’साइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है। मि’साइल का NAMICA संस्करण ‘लॉन्च से पहले लॉक-ऑन’ सिस्टम है। जहां लक्ष्य को पहचाना जाता है और मिसाइल लॉन्च होने से पहले नामित किया जाता है। मि’साइल 7 किमी तक अपनी सीमा का विस्तार करते हुए एक ‘लॉक-ऑन लॉन्च प्रणाली का उपयोग करती है।

मि’साइल को लक्ष्य की सामान्य दिशा में लॉन्च किया जाता है। जैसे-जैसे यह लक्ष्य के करीब पहुंचता है, आगे के क्षेत्र की छवियों को ऑपरेटर को वापस भेज दिया जाता है, जो दु’श्मन के टैंकों की पहचान करने में सक्षम होती हैं। उसके बाद, मि’साइल निशाने पर आती है और उसे न’ष्ट कर देती है।