मेरा दर्द हंसने की वजह हो सकता है लेकिन ये किसी के दुख का कारण नहीं होगा – चार्ली चप्लिन

New Delhi : चार्ली चैप्लिन! यह नाम भले ही बीसवीं सदी का हो लेकिन आज भी सिर्फ कानों में पड़ जाने मात्र से चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है। किसी भी मूड में बैठे आदमी का चेहरा खिल उठता है। लेकिन दुनिया जिसे कॉमेडी किंग के रूप में जानती है सच तो यह है कि उनका जीवन तमाम तरह की ट्रेज़डी से भरा रहा। असल में कॉमेडी लगने वाली हर चीज के पीछे बड़ी ट्रैज़डी छुपी रहती हैं। मसलन जब कोई आदमी भरी बरसात में फिसल कर गिर पड़े तो सभी के लिये वह कॉमेडी कंटेंट होगा लेकिन इस कॉमेडी के पीछे की ट्रेज़डी का दर्द सिर्फ गिरने वाला ही समझ पायेगा।

चार्ली चैप्लिन ने इस विडंबना को बहुत अच्छे से समझा था इसलिए उन्होंने अपने दुख पर रोने की बजाये अपने दुख का इस्तेमाल दुनिया को हंसाने के लिये किया। चार्ली ने मुस्कुराहटों से नहीं आंसुओं से जीवन जीना सीखा,और इन आंसुओं से मिले सारे दर्द को किस तरह दुनिया के सामने परोसना है जो कॉमेडी कंटेंट बन जाए,ये चार्ली चैपलिन अच्छी तरह जानते थे। वह यह भी जानते थे कि कॉमेडी हमेशा ही ट्रेज़डी से निकलती है जो बिना शब्दों के समझने वाले को सब कुछ समझा देती है। चार्ली चैप्लिन ने बिना कुछ बोले ना केवल लोगों को हंसाया बल्कि दुनिया में उस समय चल रही तमाम ट्रेज़डियों को अपनी कॉमेडी की कला से लोगों के बीच लाकर उन्हें आंदोलित भी किया।

एक बार की बात है जब प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन चार्ली चेप्लिन से मिले तो उन्होंने कहा- मैं फैन हो गया हूं आपका, आपके अंदाज का! आप मुंह से एक शब्द तक नहीं कहते फिर भी पूरी दुनिया आपको समझ जाती है। ये सुनते ही चार्ली बोले – हां यह बात सच है,लेकिन हैरानी की बात यह है कि आप अपनी थ्योरी़ज़ के बारे में कितनी मेहनत कर कितना कुछ कहते हैं, सब आपकी तारीफ भी करते हैं लेकिन फिर भी किसी के समझ में नहीं आ पाता कि आप क्या कहना चाहते हैं।

चार्ली कहते थे- – मुझे बारिश में चलना पसंद है, क्योंकि उसमें कोई भी मेरे आंसू नहीं देख सकता। – मैं ईश्वर के साथ बहुत शांति के साथ हूं, मेरा असली संघर्ष तो इंसानों से है। – अगर आप जमीन पर देखेंगे तो कभी भी इंद्रधनुष को नहीं देख पाएंगे। – जिंदगी दूर से देखने पर कॉमेडी लगती है लेकिन पास से देखने पर ट्रैजेडी । – इस अजीबोगरीब दुनिया में स्थायी कुछ भी नहीं है, यहां तक कि परेशानियां भी नहीं। – हम सोचते बहुत ज्यादा हैं लेकिन महसूस बहुत कम करते हैं। – अगर लोग आपको अकेला छोड़ दें तो जिंदगी खूबसूरत हो सकती है। – असफलता बहुत गैरजरूरी चीज है, इसके लिए स्वयं को मूर्ख बनाने की हिम्मत की जरूरत होती है।

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