सिख श्रद्धालुओं को लंगर के लिए मुसलमानों ने खोले मुगल काल की मस्जिद के दरवाजे

New Delhi : देश में इस समय नागरिकता संशोधन कानून और NRC लेकर जहां धर्म को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है वहीं, फतेहगढ़ साहिब में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे की मिसाल पैदा की है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ऐतिहासिक लाल मस्जिद का परिसर सिखों के लिए खोल दिया है।

यहां तीन दिन तक चलने वाले शहीदी जोड़-मेल के लिए लंगर का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक लाल मस्जिद के नाम से जानी जाने वाली यह मस्जिद मुगलकालीन समय की है। शेख अहमद फारुकी सिरहिंदी (1560-1623) के पोते सैफुद्दीन इसके उत्तराधिकारी थे, जिन्हें मुजादद अल्फ सानी भी कहा जाता है। मस्जिद परिसर के दरवाजे मुस्लिमों ने सिख समुदाय के लोगों के लिए खोल दिए है ताकि वह यहां रसोई तैयार कर श्रद्धालुओं को लंगर छकवाया जा सके। साल 2015 में इस मस्जिद का पुनर्निर्माण कराया गया था।

रानवान गांव के रहने वाले बलवंत सिंह ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने लंगर तैयार करने के लिए अपनी जमीन की अनुमति दे दी है। हमारे बजुर्ग करीब 42 साल से यहां लंगर की सेवा कर रहे हैं। मस्जिद के तहखाने का इस्तेमाल भी हमारे खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए किया जा रहा है। दो गांवों के गुरुद्वारों ने मिलकर लंगर का आयोजन किया है और समुदाय के लोग रसोई घर की सेवाओं में भी हाथ बंटा रहे हैं। गांव राई माजरा के जसविंदर सिंह का कहना है कि मुस्लिम भाईचारे के लोग सभी मामलों में साथ देते हैं ।