मुंबई पुलिस का डॉग मैक्स, जिसने मुंबई हमले के दौरान बचाई सैंकड़ों लोगों की जान

 New Delhi : 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए अब तक के सबसे बड़े आ’तंकी ह’मले को 11 वर्ष बीत चुके हैं। पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से भारत में घुसे 10 लश्कर आ’तंकवादियों ने मुंबई में दाखिल होकर देश की आर्थिक राजधानी में अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दिया था।

ह’मले में 166 लोगों की मौ’त हो गई थी, जबकि 300 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे। ह’मले के दौरान लोगों की जान बचाने में स्निफर डॉग्स ने भी अहम भूमिका निभाई थी। इनमें से एक था मैक्स। 2004 मे जन्मे मैक्स को बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉयड द्वारा लाया गया तब यह एक पपी था। इसके बाद पुणे में उसे ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। और आधिकारिक तौर पर उसे 2005 में स्क्वॉयड में शामिल कर लिया गया। 26/11 ह’मले के दौरान मैक्स ने आठ किलो आर’डीएक्स, 25 ग्रे’नेड और चार डे’नोनेटर व बॉल बियरिंग का पता लगाकर कई लोगों की जानें बचाईं।

इस बहादुरी के लिए उसे गोल्ड मेडल से भी नवाजा गया। मैक्स को ये मेडल खुद बॉलीवुड के बादशाह अमिताभ बच्चन ने पहनाया था। इसके अलावा उसने 2006 के 7/11 ह’मले और 2011 के जावेरी बाजार ब्लास्ट के दौरान भी विस्फोटक सामग्री का पता लगाने में काफी मदद की थी। मुंबई पुलिस को 10 वर्ष की सेवा देने के बाद मैक्स 2015 में रिटायर हो गया। 8 अप्रैल, 2016 को उसकी मौ’त हो गई।