मुंबई पुलिस का वो डॉग जिसने आ’तं’की ह’म’लों के दौरान सैंकड़ों लोगों की जा’न बचाई

New Delhi : 26/11 को हिंदुस्तान कभी नहीं भूल पाएगा, कैसे पड़ोसी देश पाकिस्तान से आए कुछ आ’तंकि’यों ने मुंबई की सड़कों पर खू’न बहाया। इस हमले में निर्दोष लोग मा’रे गए और पुलिस के कई जवान भी श’हीद हुए।

यह आ’तंकवा’दी ह’मला चार दिनों तक जारी रहा जिसमें 160 से ज्यादा लोगों की मौ’त हुई वहीं 300 से ज्यादा लोग बु’री त’रह घा’यल हुए। इसी समय देश ने सिक्योरिटी फो’र्स और सोसायटी के सिविलियन मेंबरों की तरफ से बहादुरी और निस्वार्थता के कुछ अविश्वसनीय कारनामे भी देखे। इन लोगों ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल दिया।

आज हम आपको इन ह’मलों के दौरान कई लोगों की जान बचाने वाले मुंबई पुलिस के डॉग सीजर के बारे में बताने जा रहे हैं। सीजर, मुंबई पुलिस का वो जवान जिसने अपनी आखिरी सांस तक देश की सेवा की। सीजर 26/11 ह’मले के दौरान से आ’तंकि’यों का पता लगाने वाले डॉग स्क्वायड में शामिल था। सीजर ने कई जगहों से ब’म खोजकर उन्हें फ’टने से पहले ही डि’फ्यूज करवा दिया। जिससे सैंकड़ों निर्दोष लोगों की जान बच गई।

सीजर लेब्राडोर कुत्ता था और उसने 2005 से लेकर 2013 तक मुंबई पुलिस को अपनी सेवाएं दीं। रिटायर होने के बाद वो एक फार्म हाउस में रह रहा था जहां 2016 में उसकी मौ’त हो गई। वह नरीमन हाउस की टीम के साथ लगातार तीन दिन तक आ’तंकियों का मुका’बला करता रहा था। 11 साल के बहादुर सीजर ने 2016 में मुंबई के विरार स्थित एक फार्म में हार्ट अ’टैक के कारण आ’खिरी सांस ली।