बिहार में इंसेफलाइटिस से हो रही मौ’तों पर बिहार भाजपा मुख्यालय में शोक सभा आयोजित

बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार से हो रही मौ’तें रुकने का नाम नहीं ले रहीं। बिहार में चमकी बुखार से अबतक 150 से ज्यादा बच्चों की मौ’तें हो चुकी हैं। शनिवार को इन मौ’तों को लेकर बिहार के भाजपा मुख्यालय में शोक सभा आयोजित की गयी।

इस शोक सभा में बिहार भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस शोक सभा में बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, बिहार के स्वस्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सहित कई नेताओं ने भाग लिया। समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट किया, ” बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण हुई मौ’तों को लेकर पटना में भाजपा के राज्य मुख्यालय में शोक मनाया गया।” एएनआई ने इसकी तस्वीरें भी ट्वीट कर साझा की।

बता दें कि एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अबतक सबसे ज्यादा बच्चों की मौ’त बिहार के मुजफ्फरपुर में हुयी हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा मौ’तें बिहार के मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुयी है। बिहार में इंसेफलाइटिस से मौ’तें हर साल होती हैं और ये रुकने का नाम नहीं ले रहीं।

2012 में इंसेफलाइटिस से 424 बच्चों की मौ’त हुयी थी। इंसेफलाइटिस का आक्रमण सिर्फ 15 वर्ष से कम के बच्चों को होता है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई:
मुजफ्फरपुर में इंसेफलाइटिस से लगातार हो रही मौ’तों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गयी है। इस जनहित याचिका में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, बिहार हेल्थ मिन मंगल पांडे, एमओएस हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मंत्री अश्विनी चौबे का नाम भी शामिल है। इस PIL की सुनवाई 26 जून को होगी।