मां लक्ष्मी ने बदली जिंदगी- जब दिवाली से एक दिन पहले होमगार्ड की बेटी को 1.5 करोड‍़ की लॉटरी लगी

New Delhi : यह कहानी है मां लक्ष्मी के आशीर्वाद की। सपनों को साकार करने और एक झटके में अमीर बनने के लिए लोग अक्सर लॉटरी का रास्ता अपनाते हैं। इसमें हाथ तो कई लोग आज़माते हैं पर किस्मत चमकती है किसी-किसी की। यह कहानी है 2018 में पंजाब सरकार का दिवाली बंपर जीतनेवाले बठिंडा की लखविंदर कौर की। इनके पिता होमगार्ड हैं। इतनी तनख्वाह नहीं कि एक अच्छी घर में रहें और अच्छा जीवन यापन करें। उनके घर में किचेन तक नहीं था। लेकिन बेटी ने 200 रुपये का एक टिकट खरीदकर किस्मत पलट दिया।

बठिंडा के गांव गुलाबगढ़ की रहने वाली लखविंदर की किस्मत ने भी उनका साथ दिया। लखविंदर ने डेढ़ करोड़ रुपये का दिवाली बंपर जीता। दिवाली से सिर्फ़ एक दिन पहले ही लॉटरी की टिकट ख़रीदने वाली लखविंदर को फ़ोन आया कि वह इस साल की दिवाली बंपर की विजेता बनी। करोड़पति बनने की ख़बर सुनते समय लखविंदर अपनी पहली प्रतिक्रिया देती हैं- हमें लॉटरी स्टॉल वालों का फ़ोन आया उन्होंने हमें कहा कि अगर खड़े हो तो बैठ जाओ। यह सुनकर हम घबरा गए कि पता नहीं क्या हो गया है? तो उन्होंने कहा कि हम आपको ख़ुशखबरी सुनाने वाले हैं।
लखविंदर के अनुसार, जैसे ही उन्होंने यह बात सुनी उनकी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। पूरा परिवार यह बात सुनकर ख़ुशी मनाने में जुट गया। लखविंदर लॉटरी डालने का क़िस्सा सुनाती हैं, मैं अपनी मां के साथ दिवाली से एक दिन पहले ख़रीदारी करने के लिए बाज़ार गई थी और मैंने देखा कि एक स्टॉल पर खड़े होकर बहुत सारे लोग लॉटरी टिकट ख़रीद रहे थे। मैंने भी अपनी मां को कहा कि हमें भी लॉटरी टिकट ख़रीदनी चाहिए क्योंकि सिर्फ़ 200 रुपये की ही तो बात है।
लखविंदर कहती हैं कि वह लॉटरी के पैसों से सबसे पहले ज़मीन ख़रीदकर एक अच्छा घर बनवाएंगी। लखविंदर के अनुसार, अभी वह जिस घर में रह रहे हैं, वह बहुत छोटा है। वह कहती हैं कि लॉटरी के इस पैसों से वह शहर जाकर पढ़ाई करेंगी। लखविंदर बैंक अफ़सर बनना चाहती हैं। बहरहाल 19 साल की हो चुकीं लखविंदर अब इसी प्रयास में लगी हैं। जब टिकट जीता था तो 17 साल की लखविंदर 12वीं क्लास में अपने गांव के स्कूल में ही पढ़ाई कर रही थीं।
उनके तीन भाई-बहन और भी हैं। सभी पढ़ाई कर रहे हैं। लखविंदर का एक बड़ा भाई, एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। वह इस पैसे का इस्तेमाल उनकी पढ़ाई के ऊपर भी करेंगी। उनका कहना है कि वह इस लॉटरी के पैसों से अपनी मां के लिए ज़रूर कुछ करना चाहेंगी क्योंकि उनकी मां ने बहुत आर्थिक मुश्किलों का सामना किया है और वह बहुत मेहनत करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

59 − = fifty five