फानी तूफान-लोगों के उजड़े घर तो बस गए लेकिन बेसहारा जानवरों का क्या,मदद को आगे आईं पूरबी

New Delhi:पिछले दिनों ओडिशा में आए फानी तूफान से लोगों के ही घर नहीं उजड़े जानवरों के सर की छत भी छिन गई।लेकिन कुछ दिन बीत जाने पर इंसानों ने तो जैसे-तैसे अपने लिए स्थिति को सामान्य कर लिया है, लेकिन बेसहारा जानवर कहां जाएं। वो अब भी खाने-पीने और छत की तलाश में भटकने को मजबूर हैं।इन्हीं बेजुबान जानवरों की मदद को सामने आई हैं एकामरा NGO की संस्थापक पूरबी पात्रा।इनका ये जानवरों के प्रति प्रेम मुश्किल की इस घड़ी में इंसानियत की मिसाल बन रहा है।

 

एकामरा एक जानवर हितेशी स्वयं सेवी संस्था (NGO)है,जिसके सदस्यों ने तूफान में प्रभावित हुए जानवरों की मदद का जिम्मा उठाया है।पूरबी पात्रा जोकि इस एनजीओ की संस्थापक हैं,अपने साथियों के साथ लगातार ऐसे जानवरों की मदद कर रही है्ं,जो या तो कहीं फंस जाते हैं या फिर खाने-पीने के लिए दर-दर भटकते हैं।

पूरबी पात्रा बताती हैं “जब हम जानवरों को बचा रहे थे तो हमने नहीं सोचा था कि हवाएं इतनी बढ़ जाएंगी हालांकि हमने उस जगह से जानवरों को निकाल तो लिया लेकिन हमें उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोई जगह नहीं मिली फिर हमने उन्हें ये सोचते हुए कुछ छोटे कमरों में रखा कि वे वहां सुरक्षित रहेंगे लेकिन उन कमरों की भी छत उड़ गई।जब जानवर मिले तो ज्यादातर को लकवा मार गया था और कुछ की मौत हो गई थी।कुछ जानवर अभी भी लापता हैं।”

अब तक इस एनजीओ द्वारा ज्यादातर जानवर बचाए जा चुके हैं जिनमें 60 से ज्यादा कुत्ते बिल्लियां हैं इनके आवास का निर्माण कार्य जारी है।एनजीओ के वालिंटियर्स ने लापता चल रहे कइ जानवरों पर 5000 रुपये का इनाम भी रखा गया है

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फानी तूफान के दौरान 34 लाख से ज्यादा पशुधन की हानि हुई है और 1 करोड़ 65 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं।