मोदी बोले- सुशांत केस में निष्पक्ष जांच में रोड़े अटका रही है मुम्बई पुलिस, MP बोले- दाल में बड़ा काला

New Delhi : सुशांत सिंह राजपूत केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लान्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। हालांकि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी डिमांड की थी लेकिन इसके बावजूद बिहार और महाराष्ट्र के ज्यादातर नेताओं को लग रहा है कि दाल में काला है। भाजपा को लगता है कि अब सीबीआई को यह मामला संभाल लेना चाहिये। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है – मुंबई पुलिस सुशांत के मामले में बिहार पुलिस की निष्पक्ष जांच के रास्ते में रुकावट डाल रही है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा – सुशांत सिंह राजपूत मामले को लगातार सीबीआई को देने की मांग हो रही है, इसलिये मामले को सीबीआई को सौंप देना चाहिये।

दूसरी तरफ रिया चक्रवर्ती ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि उसे जबरदस्ती इस मामले में फंसाने की कोशिश हो रही है। रिया ने अपने वीडियो संदेश में कहा है – मेरे बारे में इलेक्ट्रोनिक मीडिया में गंदी और बेहूदा बातें की जा रही हैं, जिसका सत्य से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। इसके बाद भी मैं चुप हूं क्योंकि मेरे एडवोकेट ने चुप रहने की सलाह दी है क्योंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मुझे भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। और अंतत: सत्य ही जीतेगा। सत्यमेव जयते।
इस मामले में महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुये भाजपा के राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा – सुशांत सिंह राजपूत के मामले में मुंबई पुलिस साथ नहीं दे रही। बिहार पुलिस को 6-6 घण्टे इंतजार करना पड़ रहा है। आख़िर क्यों महाराष्ट्र सरकार मामले की CBI जाँच नहीं चाहती? दाल में कुछ जरूर बड़ा काला है। उचित यही होगा कि मामले को अविलंब CBI को सुपुर्द कर दिया जाये।

मुंबई पुलिस के इस असहयोग पर बिहार के महाधिवक्‍ता ललित किशोर ने नाराजगी जाहिर करते हुये इस दुर्भाग्‍यपूर्ण करार दिया है। पटना पुलिस की टीम की मांग के बाद भी मुंबई पुलिस ने अभी तक सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, केस डायरी की कॉपी, फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज की कॉपी नहीं दी है। पटना पुलिस के साथ मुंबई पुलिस के असहयोग का आलम यह है कि पटना पुलिस को जांच के लिये ऑटो से घूमना पड़ रहा है।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा – यह दो राज्यों के बीच टकराव है। महाराष्ट्र में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। चिराग ने सीएम ठाकरे से बात की थी कि सीबीआई जांच होनी चाहिये। सभी राजनीतिक नेता इसके लिए मांग कर रहे हैं। इस केस को सीबीआई को सौंपा जाना चाहिये। भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा – महाराष्ट्र पुलिस द्वारा अब तक कोई जांच नहीं की गई। अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है या किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया गया है। उन्होंने सिर्फ पूछताछ की है। यह सिर्फ औपचारिकता है।
सुशांत केस में बहुत व्यापक पैमाने पर फाइनान्सियल ट्रांजैक्शन में गड़बड़झाला का संदेह भी है। और आरोप सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर लग रहे हैं। जांच पड़ताल के क्रम में पटना पुलिस को सुशांत के एक ज्वाइंट अकाउंट का भी पता चला है। इस बैंक अकाउंट की ज्वाइंट होल्डर रिया चक्रवर्ती ही हैं और यह बैंक अकाउंट उन्हीं के पास है। पुलिस इस अकाउंट की पूरी डिटेल खंगाल रही है। यह भी पता चला है कि सुशांत के अकाउंट्स से ज्यादातर ट्रांजेक्शन लॉकडाउन के दौरान ही हुये हैं।

इधर सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अहम बैठक की। बैठक में आईजी पटना रेंज, एसएसपी मौजूद थे। बैठक में डीजीपी ने एसएसपी से फीडबैक लिया। पटना पुलिस के द्वारा अबतक की गई जाँच के बारे में पूरी जानकारी ली। आगे किस तरह काम करना है इसको लेकर डीजीपी ने एसएसपी को कई अहम निर्देश दिये हैं। कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये डीजीपी ने एसएसपी को कई अन्य बिंदुओं पर जांच करने को कहा है।

इधर इस मामले में पटना पुलिस जब मुम्बई में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शाविक की तलाश में पहुंची तो दोनों अपने ठिकाने पर नहीं थे। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी दोनों से मोबाइल फोन पर भी संपर्क नहीं हो रहा है। दोनों के फोन स्विच ऑफ बता रहे हैं।

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