शहीदों को श्रद्धांजलि देने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे मोदी, तीनों सेना प्रमुख भी मौजूद

New Delhi: बापू और अटल जी को श्रद्धांजलि देने के बाद PM Narendra Modi नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे हैं।

अभी-अभी मोदी राजघाट से नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे हैं। जहां PM Narendra Modi देश के वीर सपूतों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैँ।
आपको बता दें यहां पर उनके साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, तीनों सेना के प्रमुख भी मौजूद हैं।

राष्ट्रपिता और अटल जी को श्रद्धांजलि देने के बाद देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी-

इससे पहले PM Narendra Modi ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया और श्रद्धांजलि दी। आपको बता दें कि मोदी हर शुभ काम की शुरुआत से पहले बापू को जरूर याद करते हैं।

बापू को श्रद्धांजलि देकर PM Narendra Modi पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के समाधि स्थल पर पहुंचे। PM Narendra Modi के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, नरेंद्र सिंह तोमर समेत BJP के लगभग सभी सांसद मौजूद हैं।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में ये शामिल होंगे

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के तौर पर आज शाम राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी दूसरी बार शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में कई लोगों को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित मेहमानों में देश-विदेश के लोगों को बुलाया गया हैं।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़, बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल. अभिनेता रजनीकांत, शाहरुख खान,मुकेश अंबानी, गौतम अदानी, रतन टाटा, बिजनेसमैन अजय परिमल, जॉन चेंबर,बिल गेट्स, आईएमएफ अध्यक्ष क्रिस्टिन लगार्दे शामिल हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि भारत सरकार ने इस बार बिमस्टेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया हैं। इन देशों के कई प्रमुख भारत आ चुके हैं। आपको बता दें कि शपथ समारोह में लगभग 8000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए राष्ट्रपति भवन में तैयारियां पूरी कर ली गई है।

आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले बहुमत का जादुई आंकड़ा पाया है। भाजपा को अकेले 303 सीटें मिली है। भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ 353 सीटें जीती है। वहीं कांग्रेस का इन चुनावों में भी बुरी तरह हार हुई है। उसे केवल 52 सीटें मिली है। इस बार भाजपा का सामाजिक आधार भी बढ़ा है।