ग्रामीण विकास और किसानों की समस्याओं की ओर भारत सरकार का पूरा ध्यान है : निर्मला सीतारमण

New Delhi: भारत सरकार ग्रामीण विकास को राष्ट्रीय सुरक्षा के तर्ज के तहत ही महत्व देती है। ग्रामीणों और किसानों की स्थितियों को लेकर मोदी सरकार हमेशा से सतर्क रही है, इन मुद्दों पर कभी भी ढिलाई नहीं बरती गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बातें दिल्ली में आयोजित विश्व कांग्रेस के रामीण और कृषि वित्त कार्यक्रम में कही हैं।

ग्रामीण और कृषि वित्त पर सीतारमण ने भारत सरकार की प्रतिबद्धता का बखान किया है। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण विकास और किसान चिंताओं को स्पष्ट रूप से ध्यान में रखा है। इस सरकार ने खाद्य सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, किसान स्थितियों और समग्र जल प्रबंधन और मिट्टी की उर्वरता को देखने के लिए बड़े पैमाने तय किए हैं।

एशिया-पैसिफिक रूरल एंड एग्रीकल्चरल क्रेडिट एसोसिएशन (APRACA) और नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) संयुक्त रूप से मिलकर छठे विश्व कांग्रेस कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। इस कार्यक्रम को भारत सरकार के कृषि किसान कल्याण और सहयोग मंत्रालय का साथ मिला हुआ है।

चार अन्य वैश्विक और क्षेत्रीय संघों के सहयोग से इस कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर संभाला जा रहा है। कांग्रेस के इस 6 वें संस्करण में दुनिया भर के 300 प्रतिनिधियां भाग ले रही हैं। इनमें से 150 वित्तीय संस्थानों, वैश्विक थिंक टैंक, नीति निर्माताओं, विकास भागीदारों, अग्रणी चिकित्सकों और 90 देशों के विशेषज्ञों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसे कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण और कृषि वित्त की संभावित भूमिका पर इंटरैक्टिव चर्चा करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।