अमेरिकी बैन के बीच मोदी सरकार का बड़ा समझौता, अब ईरानी तेल का रुपए में भुगतान करेगा भारत

New Delhi: अमेरिकी प्रतिबंधों के बीचे कच्चे तेल के आयात को लेकर भारत की मोदी सरकार ने ईरान के साथ बड़ा समझौता किया है।

मोदी सरकार ने ईरान से आयात किए जाने वाले कच्चे तेल का भुगतान अब रुपये में करने को लेकर एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किया है। सूत्रों ने बताया कि ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों के 5 नवंबर से लागू होने के बाद भारत ने इस्लामिक राष्ट्र के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। दरअसल अमेरिका ने भारत समेत अपने 7 मित्र देशों को प्रतिंबध के बावजूद ईरान से कच्चा तेल खरीदने की छूट दी है।

सूत्रों का कहना है कि भारतीय रिफाइनरियां यूसीओ बैंक में नेशनल ईरनियन ऑयल कंपनी के खाते में रुपये में भुगतान करेंगी। उनका यह भी कहना है कि इसकी आधी धनराशि ईरान भारतीय सामानों को खरीद पर खर्च करेगा। अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत भारत ईरान को अनाज दवाएं, और मेडिकल उपकरण निर्यात कर सकता है। अब तक भारत अपने तीसरे सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता देश को यूरोपियन बैंकिंग चैनलों के जरिए यूरों में भुगतान करता रहा है।

Modi Government

ईरान से तेल आयात कम करने और भुगतान रोकने के बाद भारत को छूट मिली हुई है। 180 दिनों की मिली छूट के दौरान भारत प्रतिदिन अधिक्तम 3 लाख बैरल्स क्रूड ऑयल का आयात कर सकता है। हालांकि इस साल भारत ने औसतन करीब 5.6 लाख बैरल्स प्रतिदिन तेल का आयात करता है। चीन के बाद ईरानी तेल का दूसरा सबसे बड़़ा खरीददार भारत है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है जो अपनी जरुरत का 80 फीसदी तेल आयात से पूरा करता है। वहीं इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है और कुल जरुरतों का 10 फीसदी योगदान करता है। भारत की 2 रिफाइनरियां इंडियन ऑयल कार्पोरेशन और मंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकैमिकल्स लिमिटेड ने ईरान से नवंबर और दिसंबर में 1.25 मिलियन टन तेल खरीदा है।

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