खादी पहन कर मॉडल्स ने कराया फोटोशूट ,खादी का प्रचार कर रहे हैं फैशन डिजाइनर्स

NEW DELHI  : भले ही पाश्चात्य संस्कृति का बोलबाला पूरे विश्व में हो लेकिन खादी हमारी संस्कृति की पहचान है , बस जरूरत है खादी को उसी तरह सम्मान दिया जाए जितनी शिद्दत से हम वेस्टर्न कल्चर को फॉलो करते हैं। इसी मुद्दे को ध्यान में रखते हुए शहर के फैशन डिजाइनर्स और मॉडल्स युवाओं और आमजन के बीच आए हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर में फैशन डिजाइनर्स और मॉडल्स ने खादी के कपड़े पहन कर फोटोशूट करवाया है।

 

यंगस्टर्स के बीच खादी का महत्व समझाने और खादी को पॉपुलर बनाने का यह मजेदार तरीका है। उच्च स्तर पर नामी ब्यूटी पेजेंट जीत चुकीं मॉडल निकिता ओझा, रश्मि साहू, सृष्टि मिश्रा और रूबीना खान ने नया रायपुर की खूबसूरत लोकेशन में खादी से बनी ईवनिंग गाउन, वन पीस, पैंट, टॉप जैसी ड्रेस में फोटोशूट कराया। फैशन डिजाइनर पूजा गिरी गोस्वामी ने बताया कि समर सीजन में खादी बहुत कम्फर्टेबल होती है और खादी में अब कई तरह के DESIGNS भी उपलब्ध हैं।

 

 

पहले खादी के कपड़े बहुत साधारण हुआ करते थे जिसकी वजह से युवाओं का क्रेज वेस्टर्न कपड़ों के लिए दिन ब दिन बढ़ता चला गया , लेकिन अब फैशन डिजाइनर्स ने भी युवाओं की पसंद नापसंद को ध्यान में रखते हुए खादी के साथ एक्सपेरिमेंट करना शुरु कर दिया है। अब देशभर में खादी की स्टाइलिश ड्रेस डिजाइन की जा रही हैं। आरामदायक होने की वजह से इनकी डिमांड भी लगातार बढ़ रही है। ब्राउन, क्रीम, ग्रीन शेड, व्हाइट, ब्लैक, ऑरेंज, यलो, ब्लू जैसे कलर्स की खादी ड्रेस गर्ल्स पसंद कर रही हैं।

रिच लुक बनाने के लिए खादी में मिक्स कर रहे हैं कोसा

खादी को बेहतर लुक देने के लिए रॉ और कोसा का इस्तेमाल किया जा रहा है। वेस्टर्न ऑउटफिट को ध्यान में रखते हुए लड़कियों के लिए तमाम designs बनाये जा रहे हैं। ड्रेस को स्टाइलिश लुक देने के लिए डिफरेंट शेड्स दिए जा रहे हैं। पार्टी वियर और स्पेशल ओकेजन में भी खादी के ड्रेसेस पहन कर जा सकते हैं।

खादी का प्रचार फिल्मों में भी होना चाहिए

किसी भी मुद्दे को उठाने का सबसे बेहतर माध्यम सिनेमा ही है। लेकिन bollywood में वेस्टर्न कल्चर का प्रचार प्रसार बहुत जोरों शोरों से किया गया है। सभी अभिनेत्री अभिनेताओं ने पाश्चात्य संस्कृति को न सिर्फ प्रमोट किया बल्कि निजी जीवन में भी वेस्टर्न पहनावे में रच बस गए हैं। खादी से हमारी संस्कृति की पहचान है और जरूरी है की खादी से बने कपड़ों का अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार किया जाये।