पूर्व नौकरशाह और माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला के पिता बीएन युगंधर का 82 साल की उम्र में निधन

New Delhi: माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला के पिता और पूर्व आईएएस अधिकारी बीएन युगंधर का शुक्रवार को एक बीमारी के बाद निधन हो गया। हैदराबाद के बंजारा हिल्स में अपने आवास पर उन्होंने आखिरी सांस ली। वह 82 वर्ष के थे।

उनका पूरा नाम बुक्कापुरम नडेला युगंधर था।  1962 बैच के एक आईएएस अधिकारी बीएन युगंधर 2004 से 2009 तक योजना आयोग के सदस्य रहे। इसके अलावा मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के निदेशक भी रहे। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के काल में वह ग्रामीण विकास मंत्रालय में शीर्ष नौकरशाह भी रहे। उनको अपने स्वच्छ रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है। वह समाज के गरीब और हाशिये के वर्गों के लिए डिज़ाइन की गई कई योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायक थे। उनको अपनी साधारण जीवन शैली के लिए भी जाना जाता है।

पूर्व नौकरशाह के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि उनका दोपहर में निधन हो गया। उन्होंने बताया कि युगंधर का स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं था। सूत्रों ने बताया कि युगंधर की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है और सत्य नडेला उनकी एकमात्र संतान हैं।

सादगी के लिए पहचाने जाने वाले बीएन युगंधर ने अपने बेटे सत्य की शादी अपने आईएएस बैचमेट केआर वेणुगोपाल की बेटी अनुपमा के साथ सिम्पल तरीके से की। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भी शादी के लिए आमंत्रित नहीं किया था। जब उनका बेटा 2014 में माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बना, तो बीएन युगंधर और उनके परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बचना सही समझा। उन्होंने कहा कि वे प्राइवेसी चाहते हैं।

बीएन युगंधर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से थे। वह अपनी जड़ों को कभी नहीं भूले और अपने गांव बुक्कापुरम के विकास के लिए काम किया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बीएन युगंधर के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएन युगंधर एक ईमानदार अधिकारी थे, जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे।

मुख्यमंत्री ने बीएन युगंधर द्वारा दी गई सेवाओं को भी याद किया। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से बीएन युगंधर के बेटे के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

वहीं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी बीएन युगांधर के निधन पर शोक जताया। वेंकैया नायडू ने कहा कि वे बीएन युगांधर के निधन की खबर सुनकर दुखी हैं, वे एक समर्पित अधिकारी थे, उन्होंने समाज के पिछड़े तबकों और ग्रामीण भारत के विकास के लिए काम किया।

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