गरीबों के मसीहा ने बदल दी 250 युवाओं की जिंदगी, सबको नौकरी, रुंधे गले से बोले- थैंक्यू सोनू सर

New Delhi : हमने सुपरमैन को नहीं देखा। शायद सुपरमैन केवल अंग्रेजी सिनेमाओं में दिखता है। शायद कल्पना की दुनिया में दिखता है। लेकिन हमने सोनू सूद को देखा है। अपना देसी सुपरमैन सोनू सूद। सुदूर पूर्वोत्तर में कोई बिलख रहा हो, सोनू सूद अपना कंधा बढ़ा देते हैं। दक्षिण भारत में किसी गरीब किसान की आस टूट रही हो, सोनू सूद ट्रैक्टर खरीद कर पहुंच जाते हैं। कोरोना लॉकडाउन के बाद जब लाखों लाख बिहारी मजदूर सड़क पर थे, तब अचानक मुंबई की सड़कों पर हमारा असली हीरो उतर आया। सोनू सूद। इस हीरो की असली वाली हीरोगीरी के किस्से सुनाने बैठें तो हमारी लेखनी थक जाएगी, आप पढ़ते हुए थक जाएंगे लेकिन सोनू सूद के किस्से खत्म नहीं होंगे। आज हम सोनू सूद की उस दरियादिली की एक और खबर लेकर आपके सामने हाजिर हैं जिसने अचानक से बिहार के 250 नौजवानों और उनके परिवारों की जिंदगी बदल दी।

ये मामला बिहार के छपरा का है। कोरोना से बढ़ी बेरोजगारी और इसके बाद बाढ़ का संकट। इस इलाके के युवाओं को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। सारी पढ़ाई-लिखाई और तमाम मेहनत के बावजूद आंखों के आगे अंधेरा छा रहा था। जब कहीं से उम्मीद की कोई किरण नहीं दिखीं, राज्य और केंद्र सरकारें भी लाचार दिखीं तो इन युवाओं ने हमारे आज के असली सुपरस्टार सोनू सूद से ट्विटर के जरिए संपर्क किया। सोनू सूद का दिल वह जगह है जहां मदद की कोई भी पुकार अनसुनी नहीं होती। इस पुकार को भी अनसुना नहीं ही होना था। हुआ भी यही।
सोनू सूद ने ट्विटर पर ही जवाब लिखा, ‘आपके गांव की बाढ़ की हालत देखकर दुख हुआ। आप सब से यह वादा है कि 250 परिवारों के रोजगार की जिम्मेदारी मेरी। यह सब लड़के लड़कियां इस महीने किसी अच्छी कंपनी में रोजगार करेंगे। कह दीजिए…तैयारी रखें। @PravasiRojgar’
अक्सर लोग वादे कर देते हैं लेकिन जब उन्हें निभाने की बारी आती है तो पीछे हट जाते हैं। गायब हो जाते हैं। लेकिन हमारा हीरो सोनू सूद का मामला हो तो बात ही कुछ और होती है। सोनू सूद ने ये वादा पूरा किया और क्या कमाल पूरा किया कि भरोसा खो चुकी आंखों में उम्मीद की किरण चमकने लगी। सोनू सूद की मदद से बिहार के इन 250 युवाओं, जिनमें लड़के और लड़कियां, दोनों शामिल हैं, को नौकरी मिल चुकी है। जी हां आपने सही पढ़ा। एक साथ 250 नौकरियां। अब बताइए जरा, किसी सुपरमैन से कम काम है क्या एकसाथ इतने लोगों को नौकरियां दिला उनका जीवन संवारना। लेकिन सोनू सूद तो ऐसे हीं। सोनू सूद ने बकायदा ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। इस ट्वीट के साथ एक दूसरे यूजर के ट्वीट को कोट भी किया गया है। उस यूजर ने एक वीडियो ट्वीट किया है कि 250 परिवारों की जिंदगी बदलने के लिए धन्यवाद सोनू सूद। इस वीडियो को आप यहां नीचे देख सकते हैं।
क्या है सोनू सूद की प्रवासी रोजगार मुहिम- कोरोना लॉकडाउन में सोनू सूद जब हजारों मजदूरों को उनके घर तक पहुंचा रहे थे तो उनके दिमाग में एक दूसरी उधेड़बुन भी चल रही थी। सोनू सूद को पता था कि बिना रोजगार प्रवासी मजदूर अपने घरों में भी कहां टिक पाएंगे। इसे देखते हुए सोनू सूद ने पिछले दिनों अपने 47वें जन्मदिन पर एक बड़ा ऐलान कर दिया। सोनू सूद ने कहा कि वो अब प्रवासी मजदूरों को रोजगार भी दिलवाएंगे। इसके लिए बकायदा उन्होंने एक वेबसाइट pravasirojgar.com और ऐप भी लॉन्च किया ताकि लोग वहां खुद को रजिस्टर कर सकें।

इसके अलावा एक टोल फ्री नंबर 1800 121 664422 भी लॉन्च किया गया। सोनू सूद की इस मुहिम का मकसद प्रवासी मजदूरों को नौकरी दिलाने में मदद करना है। अबतक इसकी मदद से हजारों लोगों को नौकरियां मिली हैं। अगर आप भी मुश्किल में हैं तो सोनू सूद के इस इनिशिएटिव से जुड़ सकते हैं। हो सकता है कि यह सुपरमैन आपकी भी मदद को आ जाए।

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