NRC से हम नहीं डरते, मैं तो कहता हूं इसे पूरे देश में लागू कर दो सच सामने आ जाएगा- महमूद मदनी

New Delhi: भारत में मुस्लिम धर्मगुरुओं का प्रतिनिधित्व करने वाला धार्मिक संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद (JuH) के मुखिया महमूद मदनी ने गुरुवार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्ट्रेशन (NRC) पर अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि एनआरसी से हम डरते नहीं हैं सरकार चाहे तो इसे पूरे देश में लागू करवा सकती है। इससे हमें कोई दिक्कत नहीं है बल्कि इससे स्थिति और साफ होगी कि कौन सच्चा है और कौन झूठा।

बता दें जब से असम में एनआसी की आखिरी लिस्ट आई है तब से ही भाजपा नेताओं द्वारा इसे दूसरे राज्यों में लागु करने की मांग भी की जा रही है। इसी संदर्भ को देखते हुए मदनी ने एनआरसी के प्रति अपना रुख साफ किया है।

गुरुवार को आयोजित संगठन की समान्य परिषद की मीटिंग में बोलते हुए उन्होंने कहा मेरा जी तो ये चाहता है कि मैं सरकार से खुद ये मांग करूं कि इसे पूरे देश में लागू कर दो, पता चल जाएगा कि घुसपैंठिएं कितने हैं। जो निर्दोष हैं और उनपर विदेशी होने का दाग लगाया जा रहा है उसका भी सच सामने आएगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।

बता दें असम में 31 अगस्त को एनआरसी की आखिरी सूची जारी की गई थी जिसमें से लगभग 1.9 मिलियन लोगों को बाहर किया गया है। इन लोगों को अब अपनी नागरिकता साबित करने के लिए विदेशियों के ट्रिब्यूनल में अपील दायर करनी होगी। कारगिल यु’द्ध में अपनी बहादुरी दिखाने वाले और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित मोहम्मद सनाउल्लाह को विदेशी ट्रिब्यूनल ने विदेशी करार दिया था।

2008 में “सं’दिग्ध” मतदाता के रूप में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। गुवाहाटी उच्च न्यायालय से ज’मानत मिलने से पहले उन्हें मई में एक निरोध शिविर में भेजा गया था। हालांकि उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ आए विदेशियों के ट्रिब्यूनल आदेश को रद्द नहीं किया था। अदालत ने कहा था कि उनकी याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी।