महबूबा मुफ्ती ने NIA से पूछा सवाल, कहा- सुतली बम से कैसे तय हो गया कि संदिग्ध थे आतंकी

New Delhi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 26 दिसंबर को दुनिया के आतंकी संगठन स्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के आतंकवाद मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के संबंध रखने वाले 10 संदिग्धों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट 12 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। साथ ही कोर्ट ने पकड़े गए 10 में से पांच संदिग्धोंई के परिवारवालों को कोर्ट में ही उनसे मुलाकात की इजाजत भी दी। लेकिन, NIA की इस कार्रवाई पर अब जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सवाल खड़े किए है।

महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्वीट के जरिए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय सबसे ऊपर हैं, लेकिन संदिग्धों को सुतली बम के आधार पर आतंकी और आईएस से जुड़ा बताने का दावा अतार्किक है। इस आरोप ने पहले ही इन लोगों और इनके परिवारों के जीवन को बर्बाद कर दिया है। ऐसे में एनआईए को उन मौकों से सबक लेना चाहिए, जिनमें आरोपी दशकों के बाद आरोपों से बरी हो गए थे।

Mehbooba Mufti

वहीं दूसरे ट्वीट में महबूबा ने NIA की टाइमिंग पर सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि अर्बन नक्सल केस के बाद फिर चुनावी समय में एनआईए के द्वारा की गई गिरफ्तारी अब शक के घेरे में है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एजेंसी को किसी एक समुदाय के प्रति संदेह से नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रति समावेशी रूप से सोचना चाहिए।

इस मामले पर आरोपियों के वकील एमएस खान का कहा कि जिन्हें एनआईए आरोपी बता रही हैं, वह छात्र हैं। NIA ने जो बरामदी की है, उसमें उन्हीं का प्लान्ट किया गया ट्रैक्टर का पॉवर नोज़ल है, जिसे रॉकेट लॉन्चर बताया गया। जिसे वे विस्फोटक बता रहे हैं, वे सुतली बम हैं, जो दीवाली पर इस्तेमाल होते हैं। एनआईए बहुत कुछ गढ़ रही हैं।

वहीं एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने बताया कि छापेमारी के दौरान देसी रॉकेट लांचर, आत्मघाती जैकेट के सामान और टाइम बम बनाने में प्रयुक्त होने वाली 112 अलार्म घड़ियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा बरामद 112 अलार्म घड़ियों से स्पष्ट है कि वह सिर्फ एक नहीं बल्कि बड़ी संख्या में बम बनाने की योजना बना रहे थे।