मेघालय खदान में फंसे खनिकों का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी, 13 दिसंबर से फंसे है लोग

NEW DELHI: मेघालय की ईस्ट जयंतिया हिल्स के कोयला खदान में फंसे  मजदूरों को बचाने के लिए बचाव अभियान 28वें दिन भी जारी है। ये मजदूर खदान में बीते 13 दिसंबर से फंसे हुए हैं। आपको बता दें कि 6 जनवरी को दो खनिकों के शव बरामद हुए थे। पुलिस ने बताया कि जिला मुख्यालय खलीहृयत से कुछ किलोमीटर दूर जलयियाह गांव में कोयला खदान से शनिवार देर रात दो शव बरामद किए गए।

कोयले के खदान में फंसे मजदूरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से कहा कि मजदूर इतने दिन से लापता हैं। अब तक आपने क्या कदम उठाए? हम रेस्क्यू ऑपरेशन से संतुष्ट नहीं हैं। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि सब मारे जा चुके हैं, कुछ जिंदा हैं, कुछ मारे गए हैं या सभी जिंदा हैं। उन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी जिंदा हों।

कोर्ट ने कहा कि एक-एक सेकंड कीमती है, जरूरत पड़े तो सेना की मदद ली जाए। कोर्ट ने कहा कि अगर थाईलैंड में हाई पावर पंप भेजे जा सकते हैं तो मेघालय में क्यों नहीं। अभियान के प्रवक्ता आर सुस्नगी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान में नौसेना के गोताखोर उच्च तकनीकी उपकरण ‘अंडर वॉटर रिमोटली ऑपरेटिड व्हीकल’ (यूडब्ल्यूआरओवी) के साथ तीन घंटे तक शाफ्ट के अंदर रहे लेकिन इसमें दृश्यता एक फुट रही जो बहुत कम है।

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उन्होंने बताया कि नौसेना ने प्रशासन को सुझाव दिए हैं कि खनन शाफ्ट के अंदर से पंपों की मदद से पानी निकालकर जलस्तर करीब 30 मीटर तक कम किया जाए। उसकी के बाद गोकाखोरी शुरू की जायेगी। रेस्क्यू करने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं ताकि सुनिश्चित हो कि गोताखोरों के लिए कोई संकट पैदा न हो जाए।

आपको बता दें कि मेघालय में नौसेना और एनडीआरएफ के गोताखोरों ने कोयला खदान में फंसे खनिकों की तलाश और बचाव कार्य सोमवार को दोबारा शुरू किया। पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में 370 फुट गहरी अवैध कोयला खदान में पास की नदी से पानी चले जाने के बाद से 13 दिसंबर से 15 खदानकर्मी फंसे हुए हैं। आपको बता दें कि इस अभियान में भारतीय नौसेना के 14, एनडीआरएफ के 72, ओडिशा अग्निशमन दस्ता के 21, कोल इंडिया लिमिटेड के 35 अधिकारियों समेत 200 बचावकर्मी जुटे हुए हैं।