मेघालय खदान हादसा: 34 दिन बाद मिली मजदूरों की लाश, सवालों के घेरे में रही जांच एजेंसी और सरकार

New Delhi: मेघालय की कोयला खदान हादसे के 34 दिन बाद आज मजदूर की पहली लाश मिली है। इस खदान में एक महीने से वायुसेना, नौसेना सभी रेस्क्यू में लगे थे। वहीं अब 34 दिन बाद आज सुरक्षा कर्मियों को मजदूर की लाश। हालांकि कुछ दिनों पहले बचावकर्मियों ने खदान से बदबू आने की शिकायत की थी। उसी दौरान यह कयास लगाया जा रहा था कि मजदूरों का बचना मुश्किल है।

ऐसे में अब बचावकर्मियों को पहली लाश 200 मीटर नीचे मिली. अभी भी 14 और मजदूरों को खोजा जाना बाकी है।

200 मीटर नीचे मिली लाश

Miners rescue

एक महीने से अधिक हो जाने के बाद आज रेस्क्यू ऑपरेशन करने वालों को खदान से एक लाश मिली है। बताया जा रहा है कि, बचावकर्मियों को पहली लाश खदान में 200 मीटर नीचे मिली। वहीं अभी भी 14 और मजदूरों को खोजा जाना बाकी है। पिछले दिनों रेस्क्यू के दौरान एनडीआरएफ के कमांडेंट एसके शास्त्री ने कहा, ‘यह इतिहास का सबसे चुनौतीपूर्ण अभियान है। हमारे गोताखोर इस तरह की परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। घटना को लेकर हमारे पास मौजूद सूचना पर्याप्त नहीं है। यह खदान बहुत गहरी है और भारी मात्रा में पानी इसमें भरता जा रहा है।’ आपको बता दें कि,  अवैध कोयला खदान 12 दिसंबर को धंस गई थी। जिसके बाद से खदान में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम मौजूद है लेकिन अभी भी कोई उपाय नहीं निकाला जा सका है।

खदान में जलस्तर बढ़ने से मुसीबत बढ़ी

मेघायल में स्थित कोयला खदान में रेस्क्यू जारी है लेकिन एनडीआरएफ को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खदान में जलस्तर बढ़ने से बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। अधिकारीयों का कहना है कि, जलस्तर बढ़ने से यह अभियान अब तक के इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण हो गया है।