मर रहे हैं बच्चे गायब हैं तेजस्वी, उनके पार्टी नेता ने कहा हो सकता है ‘वर्ल्ड कप’ देखने गए हों

New Delhi: लोकसभा में खाता भी न खुलने के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गायब हैं। उनका अंतिम ट्वीट उनके पिता और राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू के जन्मदिन पर था। बिहार में बच्चों के मौत का का क़हर लगातार जारी है। कल यानी मंगलवार को मौत के कहर का 18वां दिन था। हर दिन बच्चे मर रहे हैं। इस मुद्दे पर मीडिया में तो आना दूर तेजस्वी ने एक ट्वीट तक नहीं किया है। इस मुद्दे पर जब राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह से पूछा गया कि तेजस्वी कहाँ हैं? रघुवंश ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए जबाब दिया कि “हो सकता है कि वो वर्ल्ड कप देखने गए हों”। पता लगाना चाहिए कि वह कहाँ है? हो सकता है वर्ल्ड कप देखने गए हों? हम यह अनुमान लगा रहे हैं। 

एक अखबार के स्थानीय संस्करण की एक खबर के मुताबिक कल भी यानी मंगलवार को 9 बच्चे मर गए। 39 नए बच्चे भर्ती कराये गए। इस महामारी जैसी बीमारी की चपेट में मुजफ्फरपुर और आसपास के कुछ जिले हैं। अब तक 144 बच्चों की जान जा चुकी है। विज्ञान की भाषा में ‘एईएस’, यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम कहे जाने वाले इस बिमारी को स्थानीय लोग चमकी बुखार कहते हैं। तेजप्रताप यादव का भी आखिरी ट्वीट 16 जून का है। हालाँकि हर रोज बच्चे मर रहे हैं। तेजप्रताप ने अपने ट्वीट में लिखा था कि “सुशासन बाबू, माना कि ये 5-10 वर्ष के मासूम बच्चे किसी दल के वोटर नहीं हैं लेकिन क्या इन सैकड़ो मासूमों की जान आपके सुशासन की जिम्मेदारी नहीं हैं ? नीतीश बाबू हम राजनीति बाद में कर लेंगे अभी इन मासूमों की जिंदगी ज्यादा जरूरी है. कुछ भी कीजिए इन बच्चों को बचा लीजिए”।

बता दें कि 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरने वाले बच्चों की उम्र एक से सात साल के बीच ज्यादा है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में रह-रहकर कंपन (चमकी) होना है।