अभिजीत के नोबेल पाने पर हमें गर्व करना चाहिए न कि राजनीति- मायावती

New Delhi: पिछले हफ्ते भारतीय मूल के विश्वप्रशिद्ध अर्थशास्त्री को नोबेल पुरस्कार से नवाजे जाने पर बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें एक बड़े सम्मान से नवाजा गया है इस पर राजनीति होने के बजाए अगर गर्व किया जाए तो बेहतर होगा। उनका ये बयान तब आया है जब उन्हें नोबेल मिलने के बाद उन पर राजनीति होने लगी।

बीते शुक्रवार को भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अभिजीत की विचारधारा को वामपंथी बताते हुए कहा था कि उन्होंने कांग्रेस की न्याय योजना को डिजाईन किया था जिसे आज पूरा देश नकार चुका है, उनकी सोच को देश ने नकार दिया है। पीयूष गोयल ने पुणे में एक प्रेस कान्फ्रैंस में ये बात कही।

इसका जवाब देते हुए अब मायावती ने ट्वीट कर कहा “गरीबी के अभिशाप के विरुद्ध शोध करने वाले भारतीय मूल के अर्थशास्त्री श्री अभिजीत बनर्जी को विश्व के सर्वश्रेष्ट नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई व भरपूर स्वागत। लेकिन इसे यहाँ राजनीतिक चश्मे से देखना पूरी तरह से गलत बल्कि भारतीय होने के नाते इसपर गर्व किया जाए तो बेहतर है।”

बता दें बीते दिनों भारतीय मूल के अर्थशास्त्री और अकादमिक प्रोफेसर अभिजीत बनर्जी को संयुक्त रूप से आर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपनी फ्रांसीसी-अमेरिकी पत्नी एस्तेर डुफ्लो और अमेरिकी अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर के साथ “वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रायोगिक दृष्टिकोण” के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता।

बनर्जी ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स से एमए किया है। उन्होंने 1988 में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की। उन्‍होंने 1988 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। वह अभी मैसाचुसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी में अर्थशास्‍त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं।