सीलिंग मामले पर राहत मिलने के बाद बोले मनोज तिवारी, मैनें नहीं तोड़ा कानून,बाइज्जत हुआ हूं बरी

NEW DELHI: Delhi के BJP अध्यक्ष Manoj Tiwari पर Gokulpuri इलाके में निगम अधिकारियों द्वारा सील किए गए मकान का ताला तोड़ने के मामले को Supreme Court ने रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस बात का दुख है कि मनोज तिवारी ने अपने हाथ में कानून लिया। इसमें कोई संदेह नहीं कि मनोज तिवारी ने सीलिंग तोडकर कानून हाथ में लिया। कोर्ट ने कहा कि मनोज तिवारी ने कोर्ट से अधिकार प्राप्त समिति पर ओछे आरोप लगाए, यह दिखाता हैं कि मनोज तिवारी कितना नीचे गिर सकते हैं।

फैसले आने के बात मनोज तिवारी ने कहा कि मैं कानून तोड़ने वाला नहीं हूं, मै बाइज्जत बरी हुआ हूं। मैं कानून का सम्मान करता हूं और फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट का शुक्रगुजार हूं। गौरतलब हैं कि हाल ही में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें मनोज तिवारी खुद एक मकान की सीलिंग तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।

Manoj Tiwari

वहीं फैसला आने के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि सीलिंग के मुद्दे पर बीजेपी को अपना तमाशा बंद करना चाहिए और स्थिति बनाए रखने और लाखों लोगों को राहत देने के लिए अध्यादेश लाना चाहिए। दरअसल, ये सब बातें केजरीवाल ने ट्वीट के जरिए कही। उन्होंने कहा कि बीजेपी को सीलिंग के मुद्दे पर तमाशा बंद करना चाहिए।

सीलिंग को तोड़ने के बाद मनोज तिवारी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि मैं गोकुलपुर गांव में गया, जहां पर मुझे लोगों ने बताया कि एक अनाधिकृत कॉलोनी में करीब पांच हज़ार घर हैं लेकिन सीलिंग का नोटिस करीब 150 को आया हुआ है। फिर मैं एक गली में गया, वहां पर देखा कि करीब एक डेढ़ हजार घर हैं। लेकिन पूछा तो पता चला कि केवल एक यही घर सील है। यह सुन कर मेरा दिमाग ही काम नहीं कर रहा था। देखते ही देखते करीब हजार बारह सौ लोग मेरे साथ इकट्ठे हो गए। जिसका वह मकान था वह आदमी भी रोने लगा क्योंकि उसके अंदर उसकी गाय बंधी थी जिसके दूध से उसके बच्चे पलते हैं।