मनोज बोले- हम मीडियोकर्स को बढ़ाते हैं और टैलेंट को कुचल देते हैं, यही रिवाज है फिल्म इंडस्ट्री का

New Delhi : बॉलीवुड एक्टर मनोज ने नेपोटिज्म डिबेट पर खुलकर अपनी बात रखी है। मनोज वाजपेयी ने WION से बात करते हुये कहा – दुनिया निष्पक्ष नहीं है। मैं 20 वर्षों से यह कह रहा हूं कि एक उद्योग के रूप में हम मीडियोकर्स को बढ़ावा देते हैं। अगर देश के परिपेक्ष्य में देखें तो भी, हमे मीडियोकर्स को ही बढ़ावा देते रहे हैं। किसी चीज़ की कहीं न कहीं कमी है – हमारी विचार प्रक्रिया में, हमारे मूल्य प्रणाली में। जब हम किसी टैलेंट को देखते हैं, तो हम तुरंत इसे नजरअंदाज करना चाहते हैं या उसे दूर करना चाहते हैं। कुचल देना चाहते हैं। यही हमारे वैल्यूज रह गये हैं जो बहुत ही निराशाजनक है।

सोनचरिया में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम करने और उनके जाने के अपने अनुभव के बारे में मनोज ने कहा- मैंने पहले भी कहा है कि इस उद्योग ने प्रतिभाओं को बर्बाद किया है। इतना अधिक कि वे किसी भी अन्य देश में होते तो उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं के रूप में जाना जाता। लेकिन हम परवाह नहीं करते हैं। बतौर इंडस्ट्री जिन प्रतिभाओं को हासिल कर आपको खुश होना चाहिये, आप उसे बर्बाद कर देते हैं। और इसके लिये किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। मैं भी इसी इंडस्ट्री का हिस्सा हूं। हमें भीतर की ओर देखना होगा और उसको सुधारना होगा। इसे सुधारें, या आप इसे बनाये रखेंगे।
बॉलीवुड इंडस्ट्री के रवैये के बारे में बात करते हुए मनोज आगे अपने इंटरव्यू में कहते हैं- इंजीनियरिंग की परिक्षा में आप अपने हुनर से अव्वल आते हैं लेकिन बॉलीवुड इंडस्ट्री में अगर आप टैलेंटेड हैं तो भी आप पीछे हैं। आपको लोग भगाने की कोशिश करेंगे। लोग आपको नजरअंदाज करने की कोशिश करेंगे।

इधर सुशांत सिंह राजपूत के जाने से उनके पिता के.के सिंह तो पूरी तरह से टूट गये हैं। सुशांत के पिता की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें वह बेटे की फोटो के सामने बैठे हुये हैं। के के सिंह फोटो में जैसे खोये हुये नजर आ रहे हैं। उनकी इस फोटो पर फैन्स कमेंट्स कर रहे हैं कि इस सुशांत के जाने का सबसे ज्यादा गम सिर्फ उनके पिता को है। कल से ये तस्वीर सोशल मीडिया प्लैटफार्म्स पर वायरल हो गई है। लोग इसको हर्ट ब्रेकिंग बता रहे हैं। यह दो दिन पहले पटना स्थित सुशांत के घर की प्रार्थना सभा की तस्वीर है।

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