मनोज मुकुंद नरावने बने नए सेना प्रमुख…37 साल से सेना में रहकर कर रहे हैं देश की सेवा

New Delhi : लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरावने मंगलवार को जनरल बिपिन रावत से मंगलवार को सेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे। जनरल रावत को भारत का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल लालकिले से 15 अगस्त को दिए भाषण में CDS का ऐलान किया था। पीएम ने कहा था कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होने के बाद तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और तालमेल बैठाने में आसानी होगी। लेफ्टिनेंट जनरल नरावने फिलहाल उप-सेनाप्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे थे।

सितंबर में उप सेना प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभालने से पहले नरावने सेना की पूर्वी कमान का नेतृत्व कर रहे थे, जो चीन से लगने वाली करीब 4000 किलोमीटर लंबी भारतीय सीमा पर नजर रखती है। अपने 37 साल के कार्यकाल के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल नरावने अलग-अलग कमानों में शांति, क्षेत्र और उग्रवाद रोधी बेहद सक्रिय माहौल में जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर इंफेंट्री ब्रिगेड की कमान संभाल चुके हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरावने श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षक बल का हिस्सा थे और तीन सालों तक म्यामां स्थित भारतीय दूतावास में रक्षा अताशे रहे। लेफ्टिनेंट जनरल नरावने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के छात्र रहे हैं। उन्हें जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंटरी रेजिमेंट के सातवें बटालियन में कमीशन मिला। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरावने को ‘सेना मेडल’, ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ और ‘अतिविशिष्ट सेवा मेडल’ भी मिला है