1984 दंगा: शिरोमणि अकाली दल के नेता बोले, सज्जन कुमार को होनी चाहिए फांसी, लड़ाई रहेगी जारी

NEW DELHI: 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में आज हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने 6 सिखों की हत्या करने वाले आरोपी सज्जन कुमार को दोषी करार दिया और उम्र कैद की सजा सुनाई। हाईकोर्ट का ये फैसला निजली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है। फैसला आने के बाद एचएस फुल्का और मंजिंदर सिंह ने कोर्ट के बाहर खुशी मनाई। सिरसा से शिरोमणि अकाली दल के नेता मंजिंदर सिंह ने कहा कि हम न्याय देने के लिए अदालत का धन्यवाद करते हैं।

मंजिंदर सिंह ने आगे कहा कि हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक सज्जन कुमार और जगदीश टाइरटलर को मौत की सजा नहीं मिलती और गांधी परिवार को जब तक अदालत में खींच नहीं लिया जाता और जेल में डाल नहीं दिया जाता, तब तक हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी। आपको बता दें कि कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल और बलवान खोखर को भी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई हैं।

Manjinder Singh

इस मामले में निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। इस बाद निचली अदालत के देने के बाद दिल्ली में कई याचिकाएं दाखिल की गई। जस्टिस एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने 29 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर, रिटायर नेवी अफसर कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल और दो अन्य को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एक नवंबर 1984 को दिल्ली छावनी के राजनगर क्षेत्र में एक परिवार के पांच सदस्यों के हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराया और तीन-तीन साल की कारावास की सजा सुनाई, लेकिन सज्जन कुमार को बरी किया था।

तकरीबन 34 साल के बाद 1984 सिख दंगे के आरोपी सज्जन कुमार को दोषी माना। कोर्ट ने सज्जन को हिंसा कराने और दंगा भड़काने का दोषी पाया गया है। इस मामले पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की बेंच ने फैसला सुनाया।