AIR में यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाने पर नौकरी से निकाला, मेनका गांधी ने दिए जांच के आदेश

NEW DELHI:महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने ऑल इंडिया रेडियो में यौन शौषण की शिकायतों पर जांच करने के आदेश दिए हैं। दरअसल, MeToo के तहत ऑल इंडिया रेडियो में यौन शोषण के कई मामले सामने आए थे। बताया जा रहा हैं कि आरोप लगाने के बाद पीड़ित महिलाओं को कपंनी में काम करने नहीं दिया जा रहा हैं। इस कड़ी में इंडिया रेडियो कैजुअल अनाउंसर एंड कम्पेरेस यूनियन यानी AICACU ने मेनका गांधी को चिट्ठी लिखकर मामले में जांच करने की बात रही, जिसके बाद अब मेनका गांधी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जांच करने के आदेश दिए हैं।

Maneka Gandhi

रिपोर्ट के मुताबिक, यौन शोषण के ज्यादातर मामले कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों के साथ हुए हैं। इनमें से कुछ महिलाएं यहां दो दशकों से काम कर रही थीं लेकिन शिकायत करने के बाद से अब उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। बताया जा रहा हैं कि सभी आरोपी ऑल इंडिया के परमानेंट कर्मचारी है। आरोप लगने के बाद कुछ को आरोपों से बरी कर दिया गया तो कुछ को ट्रांसफर कर दिया गया है।

AICACU के चिट्टी के मुताबिक, जिस भी कर्मचारी ने यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई, उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है और उसका साथ देने वालों को भी ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाने वाली महिलाओं ने बताया है कि कैसे उनके सीनियर अधिकारी उनसे बदतमीजी करते है और करीब आने की कोशिश करते हैं, और उनकी चुप्पी का फायदा उठाते हैं।

कई महिला कर्मचारियों ने बताया कि उनके स्टेशन हेड उनको गलत तरीके से छूते हैं। उनकी शिकायत करने पर आंतरिक शिकायत कमिटी को अपनी जांच में कुछ नहीं मिलता और वो आरोपियों को आरोपो से बरी कर देते हैं। कई कर्मचारियों ने बताया कि जब से उन्होंने शिकायत की है, तब से उन्हें कोई असाइनमेंट नहीं मिला हैं, उन्हें एआईआर ने डेढ़-दो सालों से कोई काम नहीं दिया है।