ममता ने ईवीएम पर उठाये सवाल, कहा भाजपा पहले से ही सेट कर ली थी

New Delhi: कभी पश्चिम बंगाल में जमीन तलाश रही भारतीय जनता पार्टी ने इस आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। 2014 के आम चुनाव में भाजपा मात्र 2 सीटों पर सिमट गई थी। इस बार वह 2 से 18 हो गई है। मत प्रतिशत भी 17 से लगभग 40 का हो गया है। टीएमसी केवल 22 सीटें मिलीं। गुरुवार रात सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा कि हाल ही हुए आम चुनाव में भाजपा ने अधिकतर ईवीएम में पहले से ही सेट कर ली थी। उन्होंने कहा कि इस सच को उजागर करने के लिए मैं सभी विपक्षी दलों को इकठ्ठा होने के लिए अनुरोध करुँगी। कांग्रेस से इस मुद्दे पर बात हो चुकी है।

चुनाव में हुए इस धांधली को लेकर हम अदालत भी जा सकते हैं। उनका कहना था कि यह सब दावे वह हवा में नहीं कर रहीं हैं। इस संदेह के पीछे का कारण भी भाजपा के नेता ही हैं। चुनाव से पहले ही भाजपा के नेताओं इतना सटीक अनुमान कैसे लगा लिया था कि भाजपा को देश में 300 से ज्यादा सीटें आएँगी। बंगाल का अनुमान भी उनका सही हुआ। भाजपा के नेता अनुमान लगा रहे थे कि बंगाल में 23 सीटें आएँगी। जब नतीजे आये तो इनके अनुमान , परिणाम में कोई अंतर नहीं था।

ममता ने बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी पर भाजपा के प्रवक्ता होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर चार मुख्य दलों की बैठक बुलायी है। हमें भी निमंत्रण दिया गया था लेकिन हम नहीं गए। राज्य की कानून व्यवस्था वहां की चुनी गई सरकार का विषय है न कि राज्यपाल का। राज्य में लगातार हिंसा की कई घटनाएं हो रही हैं।ममता दीदी की पार्टी All India Trinamool Congress (TMC ) के विधायक और पार्षद लगातार पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ममता का मजबूत किला ढहता नजर आ रहा है। 2021 में विधानसभा का चुनाव होना है। लेकिन उनके नेताओं का पार्टी से अलग होना उनके लिए मुश्किल खड़ा कर रहा है।