पश्चिम बंगाल के चुनावों में हुई हिंसा पर बोले मनोज तिवारी,ममता दीदी को बताया ‘ममता दादागिरी’

New Delhi:पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भारी पड़ते हुए मनोज तिवारी ने अपना गुस्सा जाहिर किया।अपने इस गुस्से में दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी को “ममता दादागिरी” करार दे दिया।

तिवारी ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के लोगों पर भरोसा नहीं करती हैं। चुनावों के दौरान, उन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और लोगों को वोट देने की अनुमति नहीं दी। वह अब ममता दीदी नहीं हैं। वह अब ‘ममता दादागिरी’ हो गईं हैं।”

अभिनेता से राजनेता बने मनोज तिवारी ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की संस्कृति को “बर्बाद” कर दिया है,साथ ही विश्वास जताया कि भाजपा राज्य में 20 से अधिक सीटें जीतेगी।

तिवारी ने कहा, “एग्जिट पोल में हमें 17 सीटों पर दिखा रहा है। मेरा मानना ​​है कि हम 20 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार के दिन गिने जा रहे हैं। अगर वह लोगों पर भरोसा नहीं कर सकती है, तो वह एग्जिट पोल पर भरोसा कैसे कर सकती हैं।”आगे उन्होंने कहा टेलीविजन चैनलों पर कई एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) केंद्र में अपनी सत्ता बरकरार रखे हुए है और अधिकांश मतदाता मोदी को 543 सीटों में एक स्पष्ट बहुमत दे रहे हैं।

विपक्ष और बाकी सभी गठबंधन दलों ने, हालांकि, एक्जिट पोल को खारिज कर दिया है और उनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाया है।

तिवारी, जो उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार हैं, ने दिल्ली की राजनीतिक स्थिति के बारे में कहते हुए बताया कि उनकी पार्टी सभी सात सीटों पर जीत हासिल करेगी और “दिल्ली में किसी भी अन्य पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है।”

उन्होंने कहा कि 23 मई को एनडीए मजबूत बहुमत से सरकार बनाएगी और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

कल समाप्त हुए सात चरणों के चुनावों के साथ, सभी की निगाहें 23 मई को 542 लोकसभा सीटों के वोटों की गिनती पर बनी हुई हैं।