ममता ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व CMs की गिर’फ्तारी पर उठाया सवाल, कहा- वे जनता द्वारा चुने गए थे

New Delhi: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आज जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बारे में बोलते हुए कहा, “मैं Article370 के बारे में ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहती, लेकिन इसे खत्म करने की प्रक्रिया गलत थी। क्या मुझे जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के ठिकाने जानने का अधिकार नहीं है? क्या मुझे कोई बताएगा की वो कहां हैं? वे लोगों द्वारा चुने गए थे।”

उन्होंने आगे कहा कि पिछले 8-10 दिनों से देश में कोई नहीं जानता कि वे (सीएम) कहां हैं? अगर आज मैं यह सवाल करती हूं, तो क्या मुझे सीबीआई या ईडी द्वारा गिरफ्तार किया जाएगा? मैं अब भी मानती हूं कि सभी पक्षों से इस मुद्दे पर चर्चा करके शांतिपूर्ण हल ढूंढा जा सकता था।

 

धारा-370 हटने के बाद से ही महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला दोनों ही नजरबंद हैं। दोनों को श्रीनगर में न’जरबंद रखा गया है। महबूबा पूर्व मुख्यमंत्री और PDP की अध्यक्ष हैं। फारूख अब्दुल्ला के बारे में कहा जा रहा है कि उनको गि’रफ्तार नहीं किया गया है। वो अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं।

ये सभी जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रिय नेता धारा 370 के मुख्य खंडों को ह’टाए जाने का वि’रोध कर रहे थे इसी के चलते इसमें से दो को गि’रफ्तार किया गया है।

दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार, नजरबंदी में महबूबा और उमर आपस में ही लड़ गए। अधिकारियों ने दोनों को अब अलग अलग जगह शिफ्ट कर दिया है। दोनों उसी हरिनिवास में नजरबंद थे, जहां सीएम रहते हुए वे अलगाववादियों को कैद रखते थे। गुलाम नबी आजाद जब सीएम बने तो उन्होंने हरिनिवास को सीएम हाउस में बदलवा दिया। लेकिन, वहां रहने नहीं गए।

ऐसी खबरे भी आ रही हैं कि जम्मू कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। अब वहां धारा 370 के तहत मिले विशेषाधिकार भी हटा दिए गए हैं। धारा 370 हटने के बाद अब पूर्व CM महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला से उनका सरकारी बंग्ला भी वापस लिया जा सकता है।