कश्मीर पर मालदीव ने दिया भारत का साथ, पाक विदेश मंत्री महमूद कुरैशी को सुनाई खरी खरी

New Delhi : जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का भारत सरकार के फैसले का समर्थन दुनिया के कई देशों ने कर रहे हैं। इसी कड़ी में मालदीव ने भारत के फैसले का समर्थन कर पाकिस्तान को खरी खरी सुनाई है। मालदीव के विदेश मामलों के मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने अपने बातचीत में जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के बारे में भारत द्वारा लिए गए निर्णय को भारत का आंतरिक मामला बताया है।

इससे पहले पाकिस्तान ने श्रीलंका से कश्मीर पर सहयोग और सार्क देशों की मध्यस्थता की मांग की थी। इसे श्रीलंका ने ठुकरा दिया है। श्रीलंका पाकिस्तान की बात सुनने को तैयार नहीं है। यह खुलासा खुद पाकिस्तानी राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने किया। बता दें कि श्रीलंका पहले कई बार कह चुका है वो भारत को अपना बड़ा भाई समान मानता है। भारत से अच्छे संबंध उसकी पहली प्राथमिकता है

वहीं, फ्रांस के राष्ट्रापति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह जरूरी है कि जम्मू और कश्मीर में शांति कायम रहे। हम हमेशा शांति चाहते हैं। उन्हों ने कहा, ‘मैं कुछ दिनों बाद पाकिस्तानन के पीएम इमरान खान से बातचीत करूंगा और उनसे कहूंगा कि इस मुद्दे पर बातचीत द्विपक्षीय ही रहनी चाहिए।’

फ्रांस के राष्ट्रीपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद आतंकवाद की लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की लड़ाई में फ्रांस हमेशा भारत के साथ खड़ा है। भारत और फ्रांस हर हालात में साथ-साथ खड़े हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्तीा भाईचारे पर आधारित है। पीएम मोदी ने कहा कि हम फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहला विमान मिल जाने पर काफी खुश हैं। फ्रांस पहला देसा देश है जिसके साथ हमने सिविल न्यूंक्लियर समझौते साइन किए हैं।