भारतीय सेना के मेजर ने बनाई स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट-बेकार जाएगी दुश्म’न की गो’ली

New Delhi : जम्मू-कश्मीर में लगातार सीमा पर भारतीय सेना के जवानों को पाकिस्तानी सेना अपनी गो’लियों से नि’शाना बनती रहती है। इस नापाक हरकत और खुद गो’ली खाने वाले मेजर ने इसी को देखते हुए स्वदेशी सर्वत्र बुलेट प्रूफ जैकेट का निर्माण किया है जो स्नाइपर राइ’फल की गो’लियों से सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

नियंत्रण रेखा और कश्मीर घाटी में कई स्नाइपर की घ’टनाएं घ’टित होने के बाद इस परियोजना पर कार्य शुरू हुआ। जैकेट विकसित करने वाले मेजर अनूप मिश्रा ने बताया कि हमने लेवल 4 बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है। इसे पुणे के मिलिट्री इंजीनियरिंग कॉलेज में विकसित किया गया। ये जैकेट स्नाइपर राइफल्स से दागी गई गो’लियों से पूरे शरीर को सुरक्षा प्रदान करती है। ऐसी क्षमता रखने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश है।

सोमवार को आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने मेजर मिश्रा को आर्मी डिजाइन ब्यूरो एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया था। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ये पूछे जाने पर कि इस जैकेट को विकसित करने की जरूरत क्यों थी? मेजर मिश्रा ने कहा कि नियंत्रण रेखा और कश्मीर घाटी में स्नाइपर हमलों को देखते हुए जवानों की पूरे शरीर के लिए सुरक्षा कवच देने की जरूरत महसूस हुई। मेजर मिश्रा ने कहा कि जैकेट को इन्फैन्ट्री की ओर से अपने टेस्टिंग पैमाने पर परखा जा चुका है। भारतीय सेना की ओर से फुल बॉडी प्रोटेक्शन बुलेट प्रूफ जैकेट्स के लिए टेंडर जारी किए जाना प्रत्याशित है। इनका उत्पादन भारतीय रक्षा उद्योग से जुड़े किसी सहयोगी की ओर से किया जाएगा।