मेजर केतन के सिर में लगी थी गोली फिर भी लड़ते रहे, साथी मेजर की बाहों में ली थी अंतिम सांस

New Delhi : मेजर केतन शर्मा, भारत माता का वो सपूत जो अब देश के लिए कुर्बान हो चुके हैं। उनके जाने के गम में पूरा मेरठ डूबा है। कल जब उनका शव मेरठ पहुंचा तो हर किसी की आंखों में सिर्फ आंसू थे।

शहीद मेजर केतन शर्मा ने अंतिम सांस अपने साथी मेजर डीएस औजला की बांहों में ली। मेजर औजला के लिए भी वह पल स्तब्ध कर देने वाला था जब आतंकी की गोली केतन की दाहिनी ओर से सिर में घुस गई। मेजर औजला इस ऑपरेशन में उनके साथ ही आगे बढ़ रहे थे। उसी दौरान चली गोलियों ने दो और जवानों को भी जख्मी किया लेकिन वे अब खतरे से बाहर हैं।

मेजर केतन के अंतिम क्षणों के साक्षी रहे मेजर औजला ही शहीद की पार्थिव देह लेकर मेरठ पहुंचे। उन्होंने परिजनों व सैन्य अधिकारियों को घटना के संबंध में पूरी जानकारी दी और बताया कि ऑपरेशन के दौरान किस प्रकार केतन ने बहादुरी से टीम की अगुवाई की। अनंतनाग जिले के बडूरा गांव में चल रहे ऑपरेशन के दौरान 19 राष्ट्रीय राइफल्स की इस टीम ने आतंकियों को घेर लिया था। कायरों की भांति घर में छिपकर हमला कर रहे आतंकियों ने मरने का ढोंग कर आगे बढ़ रहे सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया।

सोमवार 17 जून को ऑपरेशन के दौरान दोपहर 2:45 बजे मेजर केतन शर्मा आतंकियों की गोली के निशाने पर आ गए। अपनी यूनिट के अफसर की शहादत की खबर सुनकर जवानों की आंखें नम नजर आईं। पूछने पर बस इतना ही बोल सके कि हमारे साहब बहुत अच्छे थे। अभी उनकी छुट्टी के समय ही तो मुलाकात हुई थी।