कठुआ रे’प पर आया फैसला तो महबूबा बोली- गंभीर अपराधों में नहीं होनी चाहिए राजनीति

सोमवार को जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में हुए 8 साल की बच्ची के साथ बर्ब’र गैंगरे’प और फिर ह’त्या पर फैसला आ गया। पठानकोट की विशेष अदालत ने Kathua रे’प केस में 7 आरो’पियों में से 6 को दो’षी करार दिया है। एक आ’रोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ज’घन्य अपराधों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

महबूबा मुफ़्ती ने ट्विटर पर कहा, “फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए। एक 8 वर्ष की बच्ची के साथ न’शा, रे’प और ह’त्या जैसी घटना हुई। ऐसे ज’घन्य अपराधों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उम्मीद करती हूं कि सिस्टम में मौजूद खामियों का फायदा अप’राधियों को नहीं मिले और उन्हें ऐसी सजा मिले जिसकी नज़ीर पेश की जा सके।”

 

बता दें कि अदालत ने मास्टरमाइंड सांझी राम समेत प्रवेश कुमार, असिसटेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, 3 पुलिस वाले दीपक खजुरिया, तिलक राज और सुरेंद्र कुमार को दो’षी करार दिया हैं। एक आ’रोपी विशाल को बरी किया गया है। आज 2 बजे कोर्ट इन दो’षियों को सजा सुनाएगी।

दायर हुआ था 15 पन्नों का आरो’प पत्र-
इस मामले में 15 पन्नों का आरो’प पत्र दायर हुआ था। उस आरोप पत्र के अनुसार 10 जनवरी, 2018 को आठ साल की बच्ची को गांव के मंदिर में बंध’क बनाकर उसके साथ दुष्क’र्म किया गया था। पुलिस के मुताबिक़ बच्ची को कई दिनों तक ड्र’ग्स देकर बे’होश रखा गया फिर उसके बाद बच्ची की ह’त्या कर दी गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के क्रा’इम ब्रांच ने इस मामले में आठ लोगों की गिर’फ़्तारी की जिसमें एक नाबालिग़ शख्स भी शामिल है। अप्रैल 2018 में क्राइम ब्रांच ने चार्ज शीट दायर की थी।