महाराष्ट्र SEBC अधिनियम 2018 में संशोधन, PG medical प्रवेश में पि’छड़े वर्ग को 16% आरक्षण

New Delhi: महाराष्ट्र सरकार ने SEBC अधिनियम 2018 विधेयक में एक संशोधन पारित करके मराठा समुदाय सहित एसईबीसी वर्गों के उम्मीदवारों को पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश  में आरक्षण को मंजूरी दे दी है।  संशोधन इस वर्ष PG medical में एसईबीसी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए 16% कोटा लागू करता है।

राज्य ने पिछले महीने अध्यादेश जारी किया था, जिसे गुरुवार को राज्य विधानसभा में विधेयक के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग SEBC अधिनियम 2018 में संशोधन, यह सुनिश्चित करेगा कि शैक्षिक वर्ष 2019-20 से एसईबीसी वर्गों के उम्मीदवारों को आरक्षण मिले। स्नातक पाठ्यक्रमों सहित अन्य शैक्षिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET या किसी अन्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

संशोधित विधेयक में कहा गया है कि अधिनियम की उप-धारा  का खंड 4 के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थानों में चाहे सरकारी सहायता प्राप्त हो या गैर सहायता प्राप्त, कुल सीटों में से 16% सीटों को मराठा समुदाय सहित एसईबीसी के लिए आरक्षित किया जाता है।

अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30 के खंड 1 में उल्लिखित हैं, ऐसे संस्थानों में ये अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पीजी मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मराठों के लिए 16 प्रतिशत कोटा के खिलाफ याचिका खारिज करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से प्रतिक्रिया मांगी थी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह 24 जून को पीजी चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मराठा आरक्षण देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी।