अवैध बैनर से दु’र्घटना के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, मांगा जवाब

New Delhi: एक अ’वैध बैनर के कारण एक सड़क दुर्घ’टना में इस लड़की की मौ’त हो गई।यह घटना पल्लवारम थोरीपाकम रेडियल रोड पर हुई थी। चेन्नई के पल्लीकरनई में दोपहर में पानी के टैंकर से सुबाश्री की कुच’लकर ह’त्या कर दी गई। एक अ’वैध बैनर के गिरने के बाद दुर्घ’टना हो गई, जब घ’टना हुई तब सुबाश्री अपनी स्कूटी चला रही थी। न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को फ’टकार लगाई।

अदालत ने शुक्रवार को सरकार से पूछा है कि बैनर क्यों जरूरी हैं। कोर्ट ने पूछा है कि क्या मंत्रियों के बैनर लगाने के बाद ही मंत्रियों को रूट का पता चलेगा। कोर्ट ने यह भी सवाल किया है कि पहले से ही बैनरों पर कई आदेशों के बावजूद यह प्रचलन क्यों चल रहा था। मद्रास उच्च न्यायालय ने सी जयगोपाल से पूछा कि किसकी अनुमति से सरकार ने पार्टी के झंडों को सड़क पर रख दिया है। अधिकारियों को तुरंत पार्टी के झंडे हटाने का आदेश दिया है। ट्रैफिक एक्टिविस्ट रामास्वामी ने बैनर मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ अदालत की याचिका दायर करने के बाद यह कार्रवाई की।

गौरतलब है कि डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने गुरुवार को तमिलनाडु में AIADMK सरकार को 23 वर्षीय महिला, सुबश्री के निधन का जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना के बाद एमके स्टालिन ने फैसला लिया है कि पार्टी के किसी भी कार्यक्रम मके विज्ञापन के लिए बैनर का इस्तमाल नहीं किया जाएगा।

ट्विटर पर एक पोस्ट में, स्टालिन ने कहा, “सरकार और अक्षम पुलिस अधिकारियों की लापरवाही के कारण सुबाश्री की मौत हो गई है। अवैध बैनर अभी तक कई जीवन ले चुके हैं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। कितने और लोगों की ज़िंदगी सत्ता में खो जाएगी। अराजकतावादी शासन? ”