मद्रास HC ने ठुकराई राजीव गांधी ह’त्या मामले में दो’षी नलिनी की याचिका,पैरोल बढ़ाने से किया इनकार

NEW DELHI: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ह’त्या के मामले में दो’षी नलिनी श्रीहरन को मद्रास हाई कोर्ट से झ’टका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने नलिनी को दी गई पैरोल को बढ़ाने से इनकार कर दिया है।

नलिनी श्रीहरन ने 15 अक्टूबर तक पैरोल की अवधि बढ़ाने की याचिका दायर की थी।

नलिनी श्रीहरन ने ये पैरोल की मांग अपनी बेटी की शादी की व्यवस्था करने के लिए की थी। 5 जुलाई को मद्रास उच्च न्यायालय ने उन्हें पैरोल दी थी।

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नलिनी ने अपनी बेटी की शादी करने के लिए हाई कोर्ट से छह महीने का पेरोल मांगने वाली याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने ठु’करा दिया और 30 दिनों की पेरोल को मंजूरी दी। इसके बाद कोर्ट ने 3 सप्ताह के लिए पैरोल को बढ़ा दिया था।

नलिनी को राजीव गांधी ह’त्या’कांड में मौ’त की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में तमिलनाडु सरकार ने 24 अप्रैल, 2000 को इसे उम्र’कैद की सजा में बदल दिया। बता दें 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु में एक चुनावी रैली के दौरान आ’त्मघा’ती ह’मले में एक महिला ह’मला’वर ने ह’त्या कर दी थी, जिसके बाद इस मामले में नलिनी श्रीहरन, मुरूगन, संतन, पेरारीवलन, जयकुमार, रविचन्द्रन और रॉबर्ट पायस को दोषी ठहराया गया था। नलिनी श्रीहरन 27 सालों से जेल में स’जा काट रही है।

नलिनी को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ह’त्या मामले में मौ’त की स’जा सुनाई गई थी, जिसे अप्रैल 2000 में तमिलनाडु सरकार ने आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया था। वहीं नलिनी ने दावा किया था कि ऐसे कई कै’दियों को तमिलनाडु सरकार ने रिहा कर दिया था, जो दस साल की स’जा काट चुके थे। नलिनी ने अपनी अपील में कहा कि उम्रकै’द की स’जा काट रहे कै’दियों की समय पूर्व रिहाई की 1994 की योजना के तहत समय पूर्व रिहाई के उसके अनुरोध को राज्य मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी थी और नौ सितंबर, 2018 को तमिलनाडु मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को उसे और मामले के छह अन्य दो’षियों को रिहा करने की सलाह दी थी।