बैरकपुर सीट,जहां बाप-बेटे के मुकाबले में पिता को मिली जीत,बेटे ने कहा मुझे हार का कोई मलाल नहीं

New Delhi : इस लोकसभा चुनाव में जहां बड़े-बड़े दिग्गज धरासाही हुए वहीं कुछ दिलचस्प मुकाबले भी देखने को मिले।ऐसा ही एक मुकाबला पश्चिम बंगाल की बेरकपुर लोकसभा सीट से सामने आया है,जहां एक ही सीट के लिए बाप-बेटे में मुकाबला था।जिसमें पिता ने अपने बेटे को हरा कर जीत अपने नाम की।जी हां! हम बात कर रहे हैं बैरकपुर से बीजेपी के उम्मीद्वार मुकुल राय की।जिन्होंने अपने बेटे सुब्रंग्शु रॉय को हरा दिया है।

इस पर बीजेपी नेता मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय ने कहा है कि वह अपने पिता के खिलाफ हार गए हैं और उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है।सुभ्रांशु रॉय 2011 और 2016 में दो बार बीजापुर विधानसभा सीट से जीते हैं।जो कि बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

दिलचस्प बात यह है कि मुकुल रॉय, जो कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते थे, वो 2017 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो के पतन को देखते हुए भाजपा में शामिल हो गए।

उन्होंने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा।”मैंने कहा था कि बीजपुर दिनेश दा (त्रिवेदी) आगे ले जाएगा।लेकिन मैं असफल रहा। बीजेपी ने बढ़त बना ली। इसलिए, मैं अपने पिता के खिलाफ हार गया। मुझे इसका कोई पछतावा नहीं है और इसके लिए मैं किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहता।मेरे पिता ने अपनी पार्टी को  अपना सर्वश्रेष्ठ दिया,मैंने अपनी पार्टी को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।मेरी उन्हें शुभकामनाएं।”

इस साल के आम चुनावों में सत्तारूढ़ टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में 42 में से 22 लोकसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की है।जबकि बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में राज्य में 34 संसदीय सीटें जीती थीं।

बीजेपी ने 18 सीटों पर कब्जा करके राज्य में भारी बढ़त बनाई, 2014 के चुनावों में 16 से अधिक सीटें हासिल की थीं। जबकि कांग्रेस सिर्फ दो सीटें जीतने में सफल रही, वामपंथी दलों के खाते में एक सीट गई थी।