आम चुनाव2019 के रण में 47 दलबदलू नेता हुए धराशायी

New Delhi

भारत में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही नेता अपने भविष्य को लेकर चिंतित होने लगते हैं। उनको लगता है कि मौजूदा पार्टी में उनका टिकट कट सकता है या फिर वह हार सकते हैं, तो नेता दल बदल कर सुरक्षित लगने वाले दल में शरण ले लेते हैं।

इस बार के आम चुनावों में भी फिर से सांसद बनने के लिए लगभग 75 से अधिक नेताओं ने अपने दल को छोड़कर कर दूसरे दलों में शरण ली। लेकिन उनमें 47को हरा का सामना करना पड़ा।

2014 से ही बीजेपी का विरोध करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी छोड़कर बिहार में महागठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर पटना साहिब से चुनाव लड़े। उनका मुकाबला भाजपा के रविशंकर प्रसाद से था। रविशंकर ने 2.84लाख वोट से शुत्रघ्न सिन्हा को हराया।

पूर्व जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव बिहार में महागठबंधन के टिकट से मधेपुरा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में थे। इस सीट पर उनका मुकाबला पिछली पार्टी के दिनेश यादव से था। जिन्होंने शरद को तीन लाख से अधिक वोटों से हराया।

उड़ीसा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मतभेद होने के बाद बीजेडी नेता बैजयंत पांडा ने बीजेपी ज्वाइन कर ली। पांडा को बीजेपी ने केंद्रपाड़ा से टिकट दिया, लेकिन वह 1.52लाख वोट से पराजित हुए। कांग्रेस छोडंकर तेलगु देशम पार्टी में आईं पूर्व केंद्रिय मंत्री पनबाका लक्ष्मी तमिलनाडु में तिरूपति संसदीय सीट से 2.28लाख वोट से पराजित हुईं।

तारिक अनवर एनसीपी के नेता थे, लेकिन चुनाव से पहले पार्टी को छोड़ दिया। चुनावी मैदान में उतरे तो 57हजार वोटों से हार का स्वाद चखा। इसी प्रकार पूर्व बीजेपी नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र कांग्रेस के टिकट पर बाड़मेर से चुनाव लड़े तो बीजेपी के कैलाश चौधरी से 3.23लाख वोटों से पराजित हुए।