बिहार में लॉकडाउन- दफ्तर-बाजार-मंदिर-आयोजन बंद, दूध-सब्जी, जरूरी दुकानें खुलेंगी

New Delhi : बिहार में गुरुवार 16 जुलाई से दोबारा लॉक डाउन प्रभावी है। राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिये कई पाबंदियां लगाई हैं। धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। भीड़भाड़ वाले तमाम आयोजनों पर पूरे महीने रोक रहेगी। बाजार से लेकर पार्क तक नहीं खुलेंगे। बस सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है। सिर्फ जरूरी काम से ही लोग आ जा सकते हैं।

वैसे पूरे देश में 24 घंटे में संक्रमण के 32,607 नये मामलों की पुष्टि हुई है। यह हर दिन सामने आने वाले आंकड़ों में सबसे ज्यादा है। वहीं, मंगलवार को 29 हजार 917 मरीज और सोमवार को 28 हजार 178 केस सामने आये थे। बुधवार को बिहार में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल संक्रमित मिले। इसके साथ दो दिन में भाजपा ऑफिस में 25 लोग पॉजिटिव मिले। संजय की पत्नी मंजू चौधरी और मां की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। सभी होम क्वारैंटाइन में हैं। राजभवन परिसर में भी 20 लोग संक्रमित मिले हैं।

 

बिहार राज्य में 16 से 31 जुलाई तक सख्त लॉकडाउन लगाया गया है। राज्य, जिला, अनुमंडल और ब्लॉक मुख्यालय के अलावा सभी नगर निकायों में भी यह लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। लॉकडाउन के दौरान सिर्फ राशन, दूध, सब्जी और फल के साथ मीट-मछली की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। व्यवसायिक प्रष्तिठान और निजी संस्थानों को भी बंद रखा गया है। कहीं भी बसों के परिचालन नहीं होगा। निजी गाड़ियों का इस्तेमाल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग कर सकते हैं।

आवश्यक सेवाओं में शामिल कार्यालयों को बिहार में लॉकडाउन से अलग रखा गया है। वहीं जिन दफ्तरों में कामकाज होगा वहां भी मात्र 33 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति रहेगी। इससे ज्यादा कर्मचारियों के लिये जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। लॉकडाउन में अधिकांश मामलों में केंद्र के नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जायेगा।

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