लॉकडाउन-5 : थोड़ी बहुत राहत के साथ अधिकांश राज्य 30 जून तक लॉकडाउन बढ़ाये जाने के पक्ष में

New Delhi : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोरोना लॉकडाउन पर राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ गुरूवार को बातचीत की और उन सभी की लॉकडाउन को लेकर उनकी राय जानी है। लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति से सिर्फ तीन दिन पहले गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बातचीत की। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन सबसे पहले 25 मार्च को लगाया था और इसके बाद इसे तीन बार बढ़ाया जा चुका है।

 

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया- गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाये जाने पर उनके विचार जाने। बंगाल और हिमाचल प्रदेश लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है तो उत्तराखंड कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है। हिमाचल प्रदेश सरकार तो 30 जून तक लॉकडाउन और कर्फ्यू दोनों को बढ़ाने के पक्ष में है। वहीं पहले की तरह हरियाणा, पंजाब और झारखंड केंद्रीय दिशानिर्देश पर निर्भर रहेंगे।
वर्तमान हालात में बंगाल की ममता सरकार फिलहाल लॉकडाउन खत्म करने के पक्ष में नहीं है। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गॉबा के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने कहा – फिलहाल कोरोना वायरस रोकथाम के लिए जरूरी है कि राज्य में लोकल ट्रेनें नहीं चलाई जाए। अगर 31 मई को लॉकडाउन हटा लिया जाएगा तो इससे कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है।
उत्तराखंड सरकार एक जून से लॉकडाउन को जारी रखने के पक्ष में है। हालांकि लॉकडाउन-5 में प्रदेश में लागू बंदिशों में कुछ और ढील मिल सकती है। खासतौर पर लोगों की अंतरजनपदीय आवाजाही को लेकर सरकार कुछ और रियायतें देने पर मंथन कर रही है। सरकारी महकमों के कामकाज में और तेजी लाई जा सकती है। सरकारी कामकाज को 100 फीसद क्षमता के साथ शुरू करने के लिए केंद्रीय दिशा निर्देश का इंतजार है।
छत्तीसगढ़ सरकार किसी भी स्थिति में अभी राज्य की सीमाएं खोलने और अंतरराज्यीय यात्री परिवहन सेवा शुरू करने के पक्ष में नहीं है। सरकार ने अंतरराज्यीय बस सेवाओं पर पहले ही अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा रखी है। इसकी लिखित सूचना पड़ोसी राज्यों को भी दी गई है। हालांकि बस, टैक्सी और ऑटो रिक्शा को जिला और एक से दूसरे जिले में जाने की सशर्त छूट है। राज्य सरकार स्ट्रीट वेंडरों को कारोबार की छूट देने की तैयारी में है। कंटेनमेंट, रेड और ऑरेंज जोन में सरकार अतिआवश्यक सेवा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के अतिरिक्त अन्य कोई रियायत नहीं देगी।

 

पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव सतीश चंद्रा ने कहा है कि लॉकडाउन-5 को लेकर पंजाब केंद्र की सिफारिशों को ही लागू करेगा। कैबिनेट सचिव से जो चर्चा हुई उसमें फोकस केवल उन राज्यों पर था जहां पर केसों के दोगुना होने की रफ्तार बहुत ज्यादा है। पंजाब में केसों के दोगुना होने की रफ्तार 46 दिन है। पूर्व में राज्य सरकार केंद्र के फैसले के साथ रही है। अभी तक जो संकेत हैं केंद्र जो भी फैसला लेगी राज्य सरकार उसके साथ रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eighty two − 76 =