सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल ले. जनरल का बयान, राजनीतिक फायदे के लिए पीटा गया का ढिंढोरा

NEW DELHI: कश्मीर के उरी में 2 साल पहले 2016 में मिलिट्री कैंप पर हुए आतंकी हमले में कई भारतीय जवान शहीद हो गए। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेवना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आंतकियों के कैंप को तबाह कर दिए। इस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकऱ देशभर में खूब चर्चा हुई। पीएम मोदी समेत केंद्र सरकार ने सभी मंत्रियों ने सर्जिकल स्ट्राइल का श्रेय लिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सेना की तारीफ तो हुई, लेकिन ये तारीफ पीएम मोदी की तारीफ के आगे छोटी थी।

इस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल का बयान सामने आया हैं। आपको बता दें कि जनरल हुड्डा 29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर थे। इस पर डीएस हुड्डा ने कहा है कि बढ़ा-चढ़ाकर प्रचार करना ठीक नहीं है। ऑपरेशन को राजनीतिक रंग दिया गया, जिसकी जरूरत नहीं थी। सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता को लेकर शुरुआती खुशी स्वाभाविक है लेकिन सैन्य अभियानों का लगातार प्रचार करना अनुचित है।

 lieutenant general D S Hooda

आपको बता दे कि एक सवाल के जवाब में लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा कि यह बेहतर होता कि ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी गोपनीय रखी जाती। मैं सेना की नजर से देखता हूं पूरे मामले को, सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी था। उन्होंने आगे कहा कि उड़ी में हमारे कई जवान मारे गए थे, तो पाकिस्तान को कड़ा संदेश भेजना जरूरी था। अगर वह हमारी तरफ आकर किसी भी तरह की गतिविधि को अंजाम देते हैं तो हम भी उधर घुसकर कार्रवाई कर सकते हैं। मुझे लगता है कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। जिसकी जरूरत नहीं थी। थोड़ा राजनीतिक रंग ले लिया। सेना के ख्याल से लगता है कि यह काफी सफल ऑपरेशन था और हमें करने की जरूरत थी।

वहीं लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने इस बयान को लेकर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ये व्यक्तिगत धारणा हो सकती हैं उनकी, इसलिए उन पर टिप्पणी नहीं करते हैं। वह सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल मुख्य भूमिका में से एक था इसलिए मैं उनके शब्दों का बहुत सम्मान करता हूं।

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