मोदी जी के नाम एक बधाई पत्र

प्रिय मोदी जी

आप भारतीय लोकतंत्र के इस चुनावी महापर्व में एक फिर से जनता के सबसे पसंदीदा नेता बनकर उभरे हैं इसके लिए आपको और समस्त एनडीए गठबंधन को बहुत-बहुत बधाइयां।देश की जनता ने और बेहतर उम्मीदों के साथ आपको अगले पांच सालों के लिए पुनः अपना प्रधानमंत्री चुना है इसके लिए आप व्यक्तिगत रूप से बधाई के पात्र हैं।

अगर वर्तमान भारतीय राजनीति में देखा जाए तो निर्विवाद रूप से आप जनता के सबसे पसंदीदा नेता हैं,लेकिन उसी अनुपात में आपके विरोधियों की भी संख्या कम नहीं है। खैर लोकतंत्र में विपक्षियों का होना जरूरी भी है।

आपकी इस जीत ने कई राजनीतिक पंडितों और बुद्धजीवियों के विश्लेषण को झूठा साबित किया है।जो कल तक अल्प बहुमत की सरकार आने की बात कर रहे थे(उनमें से मैं भी एक हूँ)उन सब के अनुमानों को आपकी जीत ने झुठला दिया है।

मोदी जी अगर कभी चुनाव कैसे जीता जाए जैसे विषयों पर इतिहास लिखा जाएगा तो उसमें आपका और आपकी पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह का नाम सबसे ऊपर लिखा जाएगा।जिन्होंने विपक्षियों को नाकों चने चबवायें हर एक चुनाव में।

हाँ ये जरूर है कि “लोकतंत्र में जनता मालिक होती है” वाली बातें कहने वाली राजनीतिक पार्टियों को आपकी जीत पच नहीं रही है ये बिल्कुल अस्वीकार्य है।अगर वो लोकतंत्र की शासन प्रणाली को स्वीकार करते हैं तो उनको ये जीत भी स्वीकार करनी होगी।अपनी हार के कारणों पर गहन विश्लेषण कर उनमें सुधार करनी होगी

मोदी जी जनता ने आपके हाथों में फिर से पांच सालों के लिए देश के भविष्य की बागडोर सौंप दी है।उम्मीद करते हैं इसबार आपके मंत्रिमंडल में कोई वकील वित्त मंत्री नहीं होगा,जिसकी खुद की शैक्षणिक योग्यता में संशय हो वो शिक्षा मंत्री नहीं होगा,शिक्षा के बजट में बढ़ोत्तरी करेंगे,किसानों आत्महत्याएं नहीं करनी पड़ेंगी,मंत्रिमंडल में धार्मिक उन्माद बढ़ाने वाले नेता नहीं होंगे,लिंचिंग और साम्प्रदायिक दंगों आप खुलकर अपने विचार रखेंगे वो किसी भी जाति धर्म से संबंधित हो।ऐसे कई मुद्दे है जिनपर जनता ने बड़ी उम्मीद के साथ आपको दोबारा प्रधानमंत्री पद पर पहुंचाया है।

मोदी जी आप आजाद भारत के नेताओं में पहले ऐसे नेता होंगे जिनको एक प्रदेश की जनता ने 3 बार मुख्यमंत्री के रूप में चुना तो वही देश ने दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में चुना है।या यूं कह लो आप भारतीय राजनीति में इक्कीसवीं सदी के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं।

मोदी जी आपकी पिछली सरकार में लगभग 130 से अधिक अलग-अलग योजनाओं की शुरुआत की गई थी।जिनमें से कुछ सफल साबित हुई तो ज्यादातर असफल रही और आप पर योजनाओं और सूट-बूट की सरकार होने का आरोप लगता रहा है।लेकिन इस बार उम्मीद करते हैं कि आपकी सरकार नई-नई योजनाओं को लाने के बजाय पुरानी ही योजनाओं पर और बेहतर तरीके से काम करने की कोशिश करेगी।

आपकी पार्टी में कुछ ऐसे नेता भी हैं जिनके अक्सर बोल बिगड़ते रहते हैं वो चाहे गिरिराज सिंह हो या साक्षी महाराज और एक नया नाम साध्वी प्रज्ञा है ,उम्मीद करते हैं इनके बड़बोलेपन पर अंकुश लगाकर रखा जाएगा।आपने प्रज्ञा ठाकुर पर कहा भी था कि मैं उनके बयान के उनको कभी माफ नहीं कर पाऊंगा अब देखना है कि आने वाले वक्त में आपकी पार्टी का निर्णय क्या होता है?

मोदी जी शायद मैं सही हूँ तो किसी देश की रीढ़ उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है जो देशवासियों के भविष्य और देश के भविष्य का निर्धारण करती है।उम्मीद करते है आने वाले पांच सालों में देश के किसी भी कोने में कोई भी गांव-गरीब का बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

अंत में एक बात और आपकी सरकार और पार्टी की विचारधारा पर आरोप लगता रहा है कि ये तानाशाही का रुख अपनाती है और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है,उम्मीद करते हैं आप विपक्ष के इस आरोप को भी आने वाले पांच वर्षों में झुठला देंगे।

सबसे बड़ी बात ये है कि आपके भक्तों(हालांकि नेता का भक्त होना अच्छा नहीं है)की संख्या बेसुमार है लेकिन उनके अंदर धैर्य की बहुत ही ज्यादा कमी देखने को मिलती है।उनको आलोचना स्वीकार ही नहीं है।आशा करते हैं आप उनको निर्देशित करेंगे।
एक नए भारत श्रेष्ठ भारत की उम्मीद के साथ एक बार फिर से जीत की बहुत-बहुत बधाइयां।

स्वतंत्र भारत का एक स्वतंत्र नागरिक