चलो बुलावा आया है : यात्रा की तैयारी में जुटा प्रशासन, एकसाथ 5-6 हजार को ही अनुमति, आनलाइन रजिस्ट्रेशन

New Delhi : कोरोना आपदा में बंद श्रीमाता वैष्‍णोदेवी की यात्रा प्रशासन फिर से आरंभ करने की तैयारी कर रहा है। यात्रा शुरुआती चरणों में सीमित स्‍तर पर ही चलाये जाने की तैयारी है। फिलहाल यात्रा के स्‍वरूप पर मंथन चल रहा है। प्रतिदिन पांच हजार लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी जा सकती है। इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही करेगी। श्रीमाता श्राइन बोर्ड ने लॉकडाउन से पूर्व ही 18 मार्च को श्रीमाता वैष्‍णो देवी यात्रा स्‍थगित कर दी थी।

कटरा में पंजीकरण ऑनलाइन करने की तैयारी है। एक विशेष एप बनाया जायेगा। इसमें श्रद्धालु की ट्रैवल हिस्ट्री के साथ ही उसकी पूरी जानकारी होगी और श्रद्धालु का मोबाइल जीपीएस के साथ कनेक्ट कर भवन मार्ग पर जीपीएस सिस्टम लगाया जायेगा ताकि श्रद्धालु की हर मूवमेंट के बारे में श्राइन बोर्ड को पता चल सके।
फिलहाल यात्रा केवल पैदल मार्ग से ही आरंभ की जायेगी। यात्रा के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य होगा। श्राइन बोर्ड के अधिकारी ने कहा – हम यात्रा के लिए तैयार हैं लेकिन फैसला उच्‍च स्‍तर पर ही होगा। इस पर कई दौर का मंथन भी हो चुका है। इस सुझाव पर भी मंथन किया जा रहा है कि यात्रा में पांच से छह हजार ही लोग रहें ताकि मार्ग पर उचित शारीरिक दूरी का पालन हो। श्रद्धालु ताराकोट मार्ग से जायेंगे और दूसरे मार्ग से वापस लौटेंगे।
श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने बताया – श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है और सभी एक्सपर्ट के सुझावों को भी इसमें शामिल किया जायेगा। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड श्रद्धालु की संख्या प्रतिदिन 5000 से 6000 सीमित करने के बारे में विचार कर रहा है।

वैष्णो देवी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आने-जाने के लिए अलग मार्ग होंगे। भविष्‍य में हेलीकॉप्टर या फिर बैटरी कार में सफर को लेकर भी शारीरिक दूरी की शर्तों का विशेष ध्यान रखा जायेगा। वैष्णो देवी यात्रा में 40 से 50 प्रतिशत श्रद्धालु आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के होते हैं। उनके पास शायद स्मार्टफोन न हो। ऐसे में उनके लिये क्‍या व्‍यवस्‍था की जाय, इस पर भी विचार किया जायेगा। गृह मंत्रालय की अनुमति मिलते ही यात्रा आरंभ हो जाएगी। श्राइन बोर्ड अपनी तैयारियां जल्‍द पूरी कर लेगा।
मां वैष्णो देवी के दर्शन को लेकर भवन पर गुफा से लेकर मनोकामना भवन तक क्यूबिक फ्लेक्सिग्लास लगाने की योजना है। इसे लेकर एक घंटे में 470 से 490 श्रद्धालु मां के दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ अर्धकंवारी, वैष्णो देवी भवन तथा भैरव घाटी में सैनिटाइजर टनल के निर्माण की योजना है। बाणगंगा के साथ ही नये ताराकोट मार्ग, अर्धकंवारी, वैष्णो देवी भवन तथा भैरव घाटी आदि पर थर्मल स्कैनिंग भी की जायेगी।

भोजनालय और लंगर स्‍थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिये टोकन सिस्टम शुरू किया जायेगा। यह सभी सुझाव यात्रा पर्ची पर अंकित होंगे। यात्रा पर्ची उपलब्ध होते ही श्रद्धालुओं को करीब आधे घंटे के भीतर अपनी वैष्णो देवी यात्रा शुरू करनी होगी। पहले यात्रा पर्ची लेने के उपरांत श्रद्धालुओं को कटरा से 6 घंटे के भीतर यात्रा करने की अनुमति थी। वैष्णो देवी भवन के साथ ही सभी मार्गों पर फुट सैनिटाइजर लगाने की योजना है।

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