मधुबाला-दिलीप कुमार की दुखद लव स्टोरी- वह एक जिद थी, जिसने उनके प्यार को बर्बाद किया

New Delhi : प्रेम कहानियों में मधुबाला और दिलीप कुमार की प्रेम कहानी लीजेंड के समान है। संगदिल, अमर और मुगल-ए-आज़म जैसी फिल्मों में रोमांस करने के बाद मधुबाला और दिलीप कुमार के बीच नौ साल का लंबा अफेयर चला और यहां तक ​​कि सगाई भी हो गई। मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने एक साक्षात्कार में फिल्मफेयर को बताया था – उनकी आपा आईं थी, चुन्नी लेकर (उनकी बहन कस्टम के रूप में चुन्नी लेकर आई थी)। भाईजान भी पठान थे। रिपोर्टों में हमेशा गलत छपा। मेरे पिता ने उन्हें शादी करने से कभी नहीं रोका। हमलोग पहले से संपन्न थे और जो भी था पर्याप्त था। दोनों की जोड़ी बेहद खूबसूरत थी। ऐसा लगता मानो आपा और भाईजान एक दूसरे के लिए ही बने हों। भाईजान अक्सर घर आते। उन्होंने मुझे अपने स्कूल ड्रेस में देखा है। वह बच्चों से भी सम्मानजनक पेश आते थे। मुझे याद है वे हमेशा हमें ‘आप’ के साथ संबोधित करते थे। दोनों लांग ड्राइव के लिए जाते थे या कमरे में बैठकर बात करते थे।

मधुबाला की छोटी बहन मधुर भूषण ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में मधुबाला और दिलीप कुमार के रिश्ते के बारे में बात की और उनका रिश्ता टूटने की वजह भी बताई। यासेर खान ने ट्विटर हैंडल पर मधुबाला की बहन की बताई सारी बातें शेयर की हैं। मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने मधुबाला और दिलीप कुमार के रिश्ते के बारे में बताते हुए कहा – उनके रिश्ते में दरार तब आई, जब 50 के दशक मे रिलीज हुई फिल्म नया दौर के दौरान एक कोर्ट केस हो गया। उस कोर्ट केस के कारण मधुबाला और दिलीप कुमार के रिश्ते में दूरियां आ गईं। दरअसल हुआ यूं की इस फिल्म की यूनिट को ग्वालियर में कहीं शूट करना था। इस जगह पर एक और फिल्म ‘जबीन जलील’ की शूटिंग के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और भीड़ ने महिलाओं पर हमला कर दिया। उन्होंने महिलाओं के कपड़े भी फाड़ दिये थे। इस बात से मधुबाला के पिता परेशान हो गए और उन्होंने शूटिंग की लोकेशन बदलने की मांग की। फिर ये केस अदालत में पहुंचा और दिलीप कुमार ने मधुबाला के पिता को तानाशाह कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म के निर्देशक बी.आर. चोपड़ा का सपोर्ट किया।

इस केस के कारण मधुबाला और दिलीप कुमार के रिश्ते में दरार पड़ गई। मधुबाला ने बात को सुलझाने की कोशिश भी की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने अपने इंटरव्यू में कहा कि आपा उन दिनों बहुत रोती थी। दोनों की अपनी शर्तें थीं। दिलीप कुमार कहते-तुम अपने पिता को छोड़ दो, मैं तुमसे शादी कर लूंगा। वहीँ मधुबाला कहती-मैं तुमसे शादी कर लूंगी, लेकिन घर आकर सॉरी कह दो और उन्हें गले लगा लो। दोनों में से कोई झुकने को तैयार नहीं था और दोनों के ईगो ने उनके रिश्ते को बर्बाद कर दिया।

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने अपने इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता ने मधुबाला से सगाई तोड़ने के लिए कभी नहीं कहा और न ही उन्होंने दिलीप कुमार को माफी मांगने के लिए कहा, फिर भी ये रिश्ता टूट ही गया। मधुर भूषण ने ये भी बताया कि मधुबाला ने बीमारी की स्थिति में ही फिल्म मुग़ल-ए-आज़म की शूटिंग की थी।

मधुर भूषण ने बताया – मधुबाला को पहला प्यार दिलीप कुमार से नहीं हुआ था, मधुबाला को सबसे पहले प्रेमनाथ से प्यार हुआ था, लेकिन इन दोनों का रिश्ता छह महीने में ही टूट गया। इसकी वजह ये थी कि प्रेमनाथ ने मधुबाला को अपना मज़हब छोड़ने के लिए कहा। मधुबाला इसके लिए राज़ी नहीं थीं, इसलिए दोनों अलग हो गये। इसके बाद मधुबाला की ज़िंदगी में दिलीप कुमार आए, लेकिन इन दोनों नौ साल का रिश्ता भी शादी के बंधन में नहीं बंध सका।
मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने अपने इंटरव्यू में मधुबाला की ज़िंदगी के आख़िरी दिनों का दर्द भी बताया। मधुर भूषण ने बताया कि शादी के बाद मधुबाला और किशोर कुमार लंदन गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें बताया कि मधुबाला अब सिर्फ दो साल तक रहेंगी। उसके बाद किशोर ने मधुबाला को उसके मायके लाकर छोड़ दिया और कहा कि वो अब मधुबाला की देखभाल नहीं कर सकते। किशोर कुमार अक्सर बाहर रहते थे इसलिए वो मधुबाला की देखभाल नहीं कर पा रहे थे, लेकिन मधुबाला अब भी किशोर कुमार के साथ रहना चाहती थीं। किशोर उनसे मिलने दो महीने में एक बार आते थे। शायद वो मधुबाला से अलग होना चाहते थे।

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने बताया कि अपनी ज़िंदगी के आखिरी दिनों में भी मधुबाला अक्सर रोती रहती थीं। वो अक्सर यही कहती थीं – मुझे ज़िंदा रहना है, डॉक्टर कब इलाज निकालेंगे? मधुबाला की इस दर्दभरी पुकार पर ज़िंदगी को बिल्कुल भी रहम नहीं आई और आखिरकार 23 फरवरी 1969 को मधुबाला ने ज़िंदगी से नाता तोड़ इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

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