ISIS मॉड्यूल: आरोपियों के वकील ने कहा- NIA गढ़ रही कहानी, विस्फोटक नहीं सुतली बम हुए थे बरामद

New Delhi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कल यानी 26 दिसंबर को दुनिया के आतंकी संगठन स्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के आतंकवाद मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का पर्दाफाश किया और 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट उन्हें 12 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। साथ ही कोर्ट ने पकड़े गए 10 में से पांच संदिग्‍धों के परिवारवालों को कोर्ट में ही उनसे मुलाकात की इजाजत भी दी है।

इस मामले पर आरोपियों के वकील एमएस खान का कहना है कि जिन्हें एनआईए आरोपी बता रही हैं, वह छात्र हैं। NIA ने जो बरामदी की है, उसमें उन्हीं का प्लान्ट किया गया ट्रैक्टर का पॉवर नोज़ल है, जिसे रॉकेट लॉन्चर बताया गया। जिसे वे विस्फोटक बता रहे हैं, वे सुतली बम हैं, जो दीवाली पर इस्तेमाल होते हैं। एनआईए बहुत कुछ गढ़ रही हैं।

वहीं सूत्रों के हवाले से खबर भी सामने आई कि दिल्ली के जाफराबाद से पकड़े गए आतंकी 29 नवंबर को राम जन्म भूमि पर हमला करने वाले थे। इस बात का खुलासा संदिग्ध आतंकी अनस के whatsapp ग्रुप के चैट से हुआ है। पुलिस को एक टाइम बम बनाने वाला वीडियो में मिला, बताया जा रहा हैं कि ये वीडियो सोहैल के घर शूट किया गया था। इस वीडियो में आवाज भी सोहैल की बताई जा रही हैं।

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सूत्रों ने बताया कि पुलिस यहां से परिवार के सभी सदस्यों का मोबाइल और कुछ सामान जब्त कर ले गई। भाई जुबेर ने बताया कि करीब एक साल पहले सुहैल की शादी हुई थी। यहां पैतृक मकान में जगह कम पड़ने के कारण वह परिवार को लेकर अमरोहा चला गया था। वहां वह एक मदरसे में पढ़ा रहा था। परिवार यह मानने को तैयार नहीं कि सुहैल आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है।

वहीं एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने बताया कि छापेमारी के दौरान देसी रॉकेट लांचर, आत्मघाती जैकेट के सामान और टाइम बम बनाने में प्रयुक्त होने वाली 112 अलार्म घड़ियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा बरामद 112 अलार्म घड़ियों से स्पष्ट है कि वह सिर्फ एक नहीं बल्कि बड़ी संख्या में बम बनाने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के विशेष सेल और उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते के साथ मिलकर दिल्ली के जाफराबाद और सीलमपुर में छह जगहों पर जबकि उत्तर प्रदेश में 11 जगहों पर छापेमारी की। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो जगहों पर छापेमारी की गई।