रविशंकर प्रसाद का बयान, विश्नव का सबसे बड़ा ‘भारत का संविधान’,हर भारतीय को इस पर भरोसा

NEW DELHI: देश में हर साल 26 नवंबर को Constitution Day मनाया जाता हैं। इस दिन को संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता हैं। 26 नवंबर 1949 में भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था। भीमराव अंबेडकर ने संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार किया था। इस मौके पर विज्ञान भवन में भाषण देते हुए Law Minister Ravi Shankar prasad ने कहा कि हमें इस लोकतंत्र पर विश्वास रखना चाहिए क्योंकि हम किसी भी पार्टी या व्यक्ति को सत्ता से हटा सकते हैं, चाहे वह कितना भी लोकप्रिय या शक्तिशाली हो।

Law Minister Ravishankar prasad

वहीं CJI Ranjan Gogoi ने कहा कि संविधान को लागू करने के दौरान इसकी खूब आलोचना की गई थी। सर इवर जेनिंग्स ने इसे बहुत बड़ा और कठोर संविधान करार दिया था। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया आलोचना भी कम होती गई। गोगाई ने कहा कि यह गर्व की बात हैं कि हमारे संविधान ने पिछले 7 दशकों में बड़ी ताकत के साथ जीता हैं। गोगाई ने आगे कहा कि हमारा संविधान बहुमत और समझदारी की आवाज हैं।

आपको बता दें कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, इसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं। यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं। इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का वक्त लगा था। संविधान को तैयार करने वाली समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही संविधान को तैयार किया। इसमें किसी भी तरह की टाइपिंग या प्रिंट का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे फिर दो दिन बाद इसे लागू किया गया था। 12 नवंबर, 1949 को भारतीय संविधान सभा की तरफ से इसे अपनाया गया और 26 नवंबर 1950 को इसे लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। यही वजह है कि 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।