बिहार में अभी लालू मैजिक कायम, उपचुनाव में मिली दो सीट

New Delhi: लोकसभा में जब राष्ट्रीय जनता दल को एक भी सीट नहीं मिल पाई तो राजनीतिक गलियारों में यह आवाज तेज होने लगी कि लालू की राजनीति ख़त्म हो गई। लेकिन बिहार में हुए पांच उपचुनावों के आये नतीजों से यह साफ़ हो गया कि आप लालू से सहमत या असहमत हो सकते है लेकिन बिहार में उन्हें नकार नहीं सकते।

लालू के जेल चले जाने के बाद उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव ही उनकी विरासत को संभाल रहे हैं। बिहार में हुए उपचुनावों के नतीजों से साफ हो गया है कि तेजस्वी यादव नीतीश कुमार पर भारी पड़े हैं। अब तक के नतीजों में जदयू को एक सीट मिली है। नाथनगर विधनसभा की सीट जदयू को बड़ी मुश्किल से मिल पाई। नाथनगर सीट पर उपचुनाव की मतगणना पूरी हो गई है। फाइनल राउंड में जदयू के लक्ष्मीकांत मंडल ने राजद की राबिया खातून को कांटे की टक्कर में 960 वोटों से हराया।

उल्लेखनीय है कि बिहार में हुए एक लोकसभा और 5 विधानसभा उपुचनाव के परिणाम को लेकर कहा जा रहा था कि इसमें सीएम नीतीश कुमार की साख दांव पर लगी थी तो तेजस्वी यादव के नेतृत्व क्षमता की परख होनी है।

साफ है कि उपचुनाव के परिणाम जेडीयू के लिए बड़ा झ’टका है। RJD ने जेडीयू की चार में से दो सीटें छीन ली हैं और एक सीट पर कड़ी टक्कर में दी, जबकि जेडीयू से एक सीट बीजेपी के बागी ने भी झपट ली है। दरौंदा विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी कर्णजीत सिंह 27 हजार मतों से जीत दर्ज की है। उन्होंने जेडीयू उम्मीदवार अजय सिंह को चुनाव हराया है। उपचुनावों के नतीजों पर अभी तक जदयू के नेताओं की प्रतिक्रियाएं नहीं आईं हैं। साथ ही नाथनगर सीट पर राजद ने हेरफेर करने का आरोप लगाया है